रामगढ़ की भट्टी ब्लास्ट हादसा
गिद्दी. रामगढ़ जिले के हेसला स्थित झारखंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड में सोमवार अहले सुबह हुए भीषण भट्टी ब्लास्ट ने पूरे इलाके को हिला दिया. इस हादसे में कई मजदूर घायल हुए और फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठे. सरकार ने तुरंत जांच कमेटी गठित की, जिसमें जमशेदपुर के अपर श्रमायुक्त प्रदीप रॉबर्ट लकड़ा, श्रम विभाग के अवर सचिव ओमप्रकाश यादव, धनबाद के मुख्य वाष्पित्र निरीक्षक शंभुनाथ वर्मा, मुख्य कारखाना निरीक्षक मनीष कुमार सिन्हा, उप मुख्य कारखाना निरीक्षक विनित कुमार सिंह, रामगढ़ के श्रम अधीक्षक अनिल कुमार रंजन और हजारीबाग के कारखाना निरीक्षक राहुल कुमार शामिल थे. जांच कमेटी ने घटनास्थल का निरीक्षण कियाजांच कमेटी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, तकनीकी जांच की और मजदूरों व प्रबंधन से लंबी पूछताछ की. सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में हादसे के कारणों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का विस्तार से उल्लेख किया गया है. फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी को इसमें प्रमुख कारण बताया गया है. श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने संकेत दिया है कि रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
लोगों की नजर अब इस रिपोर्ट पर टिकी हैमजदूरों और स्थानीय लोगों की नजर अब इस रिपोर्ट पर टिकी है. उनका कहना है कि अगर इस बार भी लीपापोती हुई, तो यह न्याय के साथ अन्याय होगा. मजदूरों का आरोप है कि फैक्ट्री में लंबे समय से सुरक्षा और आपातकालीन सुविधाओं की अनदेखी हो रही थी, लेकिन जिम्मेदारों पर कभी सख्त कार्रवाई नहीं हुई. जानकार मजदूरों का मानना है कि अगर जांच निष्पक्ष रही, तो कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं. वहीं, अगर दबाव या प्रभाव काम करेगा, तो यह मामला भी ठंडे बस्ते में जा सकता है.
हादसे के बाद फैक्ट्री प्रबंधन हरकत में आया और एंबुलेंस की व्यवस्था की गयी. हादसे के समय घायल मजदूरों को अस्पताल पहुंचाने में एक घंटे की देरी हुई थी, जिससे मजदूरों और स्थानीय लोगों में नाराजगी थी. अब प्रबंधन ने दबाव के बीच एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध करायी है. हालांकि लोगों का कहना है कि यह कदम पहले उठाया जाना चाहिए था.