भारी विरोध के बीच बेवरेज के लिए हुआ भूमि का सीमांकन, प्रशासन ने सैकड़ों आवासों में जड़ा ताला. जियाडा को हस्तांतरित हुई है 222.26 एकड़ जमीन. इसमें से वरुण बेवरेज को मिली है 40 एकड़ जमीन पतरातू. पतरातू की हेसला पंचायत अंतर्गत पीटीपीएस कॉलोनी परिसर की 222.26 एकड़ जमीन सरकार द्वारा जियाडा को हस्तांतरित करने व इस जमीन में से 40 एकड़ भूमि वरुण बेवरेज को आवंटित करने के फैसले के खिलाफ गुरुवार को लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. जमीन सीमांकन करने व आवासों को खाली कराने पहुंचे पुलिस-प्रशासन का विरोध हुआ. लोग सड़क पर उतर आये. हालात तनावपूर्ण हो बन गया. विरोध में सैकड़ों महिला, पुरुष व बच्चे पटेल चौक पर जमा थे. मौके पर अंचलाधिकारी के साथ हुई वार्ता में लोगों ने स्पष्ट कहा कि वे किसी भी हाल में अपने घर खाली नहीं करेंगे. वार्ता विफल होने के बाद आक्रोशित लोगों ने पतरातू-रांची मेन रोड को जाम कर दिया. सड़क पर टायर जला दिया गया. लोगों का आरोप था कि उच्च न्यायालय द्वारा कुछ आवासों को अभियान से मुक्त रखने का निर्देश दिया गया है. इसके बावजूद प्रशासन जबरन कार्रवाई कर रहा है. प्रशासन द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी थी. लोगों को नियंत्रित करने के लिए दिनभर में कई बार पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया. आवास खाली कराने की प्रक्रिया के दौरान प्रशासन ने सैकड़ों आवासों में ताला जड़ दिया. प्रशासन की कार्रवाई से क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी. कार्रवाई शाम तक जारी थी. दूसरी ओर, लोग भी अपनी मांगों पर अड़े थे. वे विरोध से पीछे हटने को तैयार नहीं थे. विरोध प्रदर्शन जारी था. महिलाएं रो-रो कर पुलिस से लगा रही थीं गुहार : महिलाएं रो-रो कर पुलिस से गुहार लगा रही थीं कि बच्चों को स्कूल से आ जाने दीजिए. कुछ दिनों की मोहलत दीजिए, ताकि हम कहीं और आवास ढूंढ़ कर उसमें जा सकें. इधर, देर शाम को पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में कॉलोनी वासियों से नोक झोंक के बीच वरुण बेवरेज के लिए जेसीबी मशीन से जमीन का सीमांकन का कार्य शुरू कर दिया गया. कार्रवाई के लिए मजिस्ट्रेट अंबिका कुमारी, पतरातू अंचल अधिकारी मनोज चौरसिया, दुलमी सीओ किशोरी यादव, रामगढ़ सदर सीओ रबी रमेश, बीडीओ मनोज कुमार गुप्ता, इंस्पेक्टर जोगिंदर सिंह, मेजर मंटू यादव, थाना प्रभारी एसके गुप्ता, अख्तर अली, विपिन बिहारी सिंह, कैलाश कुमार, जसमुद्दीन अंसारी दल-बल के साथ मौजूद थे. बीते 12 फरवरी को भी हुई थी कार्रवाई : हेसला पंचायत में बीते 12 फरवरी को भी प्रशासन ने अभियान चलाया था. उस दौरान काफी आवासों को खाली करा लिया गया था. बाद में विधायक की पहल पर कुछ दिनों के लिए कार्रवाई को टाल दिया गया. प्रशासन ने छह अप्रैल को भी कार्रवाई की सूचना दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई.
हेसला में जमीन व आवास खाली कराने को लेकर बवाल, पुलिस ने कई बार किया हल्का बल प्रयोग
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