लैंगिक समानता, बाल संरक्षण और समावेशी शिक्षा पर दिया गया जोर रामगढ़. पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, रामगढ़ कैंट में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष पर्यवेक्षक (मानवाधिकार शिक्षा एवं लैंगिक समानता) प्रो कन्हैया त्रिपाठी का शैक्षणिक निरीक्षण एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों, लैंगिक संवेदनशीलता समिति और अन्य सदस्यों के साथ चर्चा की. उन्होंने बताया कि आगमन का मुख्य उद्देश्य विद्यालय में मानवाधिकार शिक्षा एवं स्त्री-पुरुष समानता की स्थिति का अवलोकन करना तथा आवश्यक सुझाव देना है. उन्होंने विद्यार्थियों को मानवाधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की. बच्चों को बाल संरक्षण कानून, बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देश, अच्छा स्पर्श एवं बुरा स्पर्श जैसी आवश्यक जानकारी दी. कहा कि छोटी-छोटी बातों पर हमें जागरूक रहना चाहिए. उन्होंने प्रार्थना सभा में मानवाधिकार की बात शीर्षक से विशेष प्रस्तुति आरंभ करने का सुझाव दिया. इसमें विद्यार्थी कहानी, कविता, एकांकी, प्रश्नोत्तरी आदि माध्यमों से मानवाधिकार विषय पर सीख को शामिल करने की बात कही. उन्होंने मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा के 30 अनुच्छेदों की जानकारी विद्यार्थी व कर्मचारियों तक पहुंचाने पर भी बल दिया. पर्यावरण दिवस, वन महोत्सव आदि अवसरों पर विशेष जागरूकता बैठक का आयोजन करने, हंसा मेहता का चित्र विद्यालय में प्रदर्शित करने और उनके विचारों का प्रचार-प्रसार करने की सलाह दी. विद्यार्थियों व कर्मचारियों के लिए उत्तम सुविधा विकसित करने और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने को कहा. विद्यालय परिवार ने अतिथि का स्वागत किया. उनके मार्गदर्शन को विद्यालय के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताया. कहा कि यह भ्रमण विद्यालय में मानवाधिकार शिक्षा, समानता एवं संवेदनशीलता को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा. मौके पर विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक, शिक्षिका व बच्चे मौजूद थे.
रामगढ़ के पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय का किया गया शैक्षणिक निरीक्षण
रामगढ़ के पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय का किया गया शैक्षणिक निरीक्षण
