रामगढ़ पुलिस-प्रशासन के तत्वावधान में जन शिकायत समाधान कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को बासल थाना क्षेत्र के मां पंचबहिनी हाई स्कूल के प्रांगण में हुआ. कार्यक्रम में एसडीएम आशीष गंगवार, एसडीपीओ वीरेंद्र राम, सीओ अमित भगत, इंस्पेक्टर योगेंद्र सिंह व पीवीयूएनएल सीएसआर हेड राजीव डुंगडुंग उपस्थित थे. कार्यक्रम में एसडीएम ने कहा कि जनसुनवाई कार्यक्रम का मकसद यहां के विस्थापित प्रभावित लोगों की समस्या का समाधान करना है. लोग पिछले कई वर्षों से जिला मुख्यालय में आवेदन दे रहे थे. पीवीयूएनएल व ग्रामीणों के बीच सबकुछ ठीक नहीं रहने के कारण कंपनी के कामकाज पर भी असर पड़ रहा था. ग्रामीणों के रोजगार के मुद्दे को कंपनी से बातचीत कर दूर करने की कोशिश की जायेगी. उपायुक्त के आदेश के बाद समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जा रहा है. एसडीपीओ ने कहा कि डीजीपी के आदेश पर समाधान कार्यक्रम के तहत लोगों को कानूनी अधिकारों के लिए जागरूक किया जा रहा है. उन्होंने क्राइम, साबइर अपराध आदि मामलों पर त्वरित सूचना स्थानीय पुलिस को देने या क्राइम के मामले में डायल 112, साइबर क्राइम के लिए डायल 1930 पर सूचना देने की अपील की.
विस्थापित प्रभावित संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों ने किया विरोध : पीवीयूएनएल के सीएसआर हेड ने कहा कि कंपनी में तकनीकी कर्मी के रूप में रामगढ़ जिले से करीब तीन हजार व मजदूर के रूप में पूरे झारखंड से करीब छह हजार लोग कार्यरत हैं. सीएसआर फंड से 32 करोड़ की लागत से कमांड एरिया में डेवलपमेंट वर्क किया जा रहा है. विस्थापित प्रभावित संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों ने जनसुनवाई में पहुंच कर विरोध -प्रदर्शन किया. स्थानीय छाई डैम की जमीन वापस करने की मांग की. लोगों ने आरोप लगाया कि कंपनी बाहरी लोगों को रोजगार दे रही है. लैंड लूजर को दरकिनार किया जा रहा है. जनसुनवाई में पतरातू डैम के पानी का भी मामला उठा. जनसुनवाई कार्यक्रम में थाना प्रभारी कौशल कुमार, अभिषेक कुमार, संजय कुमार रजक, आदित्य नारायण प्रसाद, अरुण कुमार, कयुम अंसारी, शिवप्रसाद मुंडा, लालू महतो, योगेंद्र यादव, विजय मुंडा, नंदलाल महतो, झरी मुंडा, कमलेश सिंह, डॉली देवी, अजय साव, राणा प्रताप सिंह, भुवनेश्वर सिंह, बिहारी मांझी, राजाराम प्रसाद, सीताराम मुंडा, प्रदीप महतो, उषा कुमारी, रिंकी देवी मौजूद थे.
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