15 अप्रैल तक अतिक्रमण हटाने का अल्टीमेटम
:- 15 तक खुद हटाएं अतिक्रमण, वरना 16 को होगी सख्त कार्रवाई:- अतिक्रमण हटेगा, तो रजरप्पा का स्वरूप बदलेगा रजरप्पा. झारखंड उच्च न्यायालय के सख्त निर्देश के बाद रामगढ़ जिला प्रशासन ने रजरप्पा मंदिर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने को लेकर निर्णायक कदम उठाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है. सोमवार को चितरपुर अंचल निरीक्षक पवन यादव के नेतृत्व में मंदिर प्रक्षेत्र में व्यापक स्तर पर एनाउंसमेंट कराया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल मच गयी. एनाउंसमेंट के माध्यम से स्पष्ट रूप से कहा गया कि झारखंड उच्च न्यायालय, रांची में दायर जनहित याचिका में पारित आदेश एवं अंचल कार्यालय चितरपुर के अतिक्रमण वाद संख्या 01/2026 के तहत सभी अतिक्रमण कारियों को 15 अप्रैल 2026 तक अपनी दुकानें, सामान और अन्य सामग्री अतिक्रमित भूमि से हटा लेनी होगी. प्रशासन ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो 16 अप्रैल को प्रशासनिक बल की मौजूदगी में अभियान चलाकर अतिक्रमण को बलपूर्वक हटा दिया जायेगा. मंदिर परिसर के विभिन्न स्थानों पर संबंधित नोटिस भी चिपकाये गये हैं. अंचल निरीक्षक श्री यादव ने अपनी टीम के साथ दुकानदारों और आम लोगों से मिलकर प्रशासन के इस अभियान में सहयोग करने की अपील की. गौरतलब है कि नौ अप्रैल को राज्य के पर्यटन सचिव मुकेश कुमार ने रजरप्पा पहुंचकर मंदिर परिसर पुनर्विकास परियोजना का विस्तृत भौतिक निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिया था. वहीं, इस पूरे मामले को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका भी चल रही है, जिसके तहत राज्य और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देना पड़ रहा है. इस दौरान राजस्व कर्मचारी अमित कुमार लोहरा, चितरपुर अमीन कृष्णा कुमार, दुलमी अमीन मुरेश महतो, अंचल नाजीर संजीव कुमार तथा झारखंड ग्रामीण पुलिस के तरुण कुमार सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे.हाई कोर्ट की सख्ती से रजरप्पा के विकास को रफ्तार
हाई कोर्ट की सख्ती और जिला प्रशासन की सक्रियता के बाद अब रजरप्पा मंदिर के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त होता दिख रहा है. प्रस्तावित पुनर्विकास योजना के तहत मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जायेगा, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था मिल सके.
