प्रतिनिधि, उरीमारी सीसीएल बरका-सयाल की न्यू बिरसा परियोजना आउटसोर्सिंग खदान में मंगलवार की रात करीब 11 बजे राहुल दुबे गिरोह के अपराधियों ने हवाई फायरिंग कर दहशत फैला दी. रंगदारी के लिए गिरोह का पर्चा भी छोड़ा. खदान में खड़ी कई मशीनों व वाहनों में आग लगाने का भी प्रयास किया. लोगों को धमकाते हुए अपराधी असवा तिलैया मार्ग से भाग निकले. उनके जाते ही लोगों ने वाहनों के टायर में सुलग रही आग को बुझा दिया. कर्मियों के अनुसार, दो बाइक से चार नकाबपोश अपराधी पहुंचे थे. अपराधियों ने चार-पांच राउंड फायरिंग की. घटना के बाद दहशत के कारण कुछ घंटे तक कामकाज बंद रहा. बाद में मौके पर पहुंची उरीमारी पुलिस ने अपनी सुरक्षा में कामकाज शुरू कराया. गिरोह द्वारा छोड़े गये पर्चे में चेतावनी दी गयी है कि बिना मैनेज किये काम करने पर परिणाम भुगतना होगा. यह तो अभी ट्रेलर है. इधर, कंपनी की ओर से बुधवार को घटना के बाबत उरीमारी ओपी में राहुल गिरोह के अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. उरीमारी ओपी प्रभारी रामकुमार राम ने कहा कि घटनास्थल पर खोखा बरामद नहीं हुआ है. हालांकि, कंपनी के आवेदन के आधार पर अपराधियों को पकड़ने के लिए छापेमारी शुरू कर दी गयी है. टारगेट पर रहती हैं आउटसोर्सिंग कंपनियां : सीसीएल बरका-सयाल क्षेत्र में वर्तमान में कई खदानों में खनन कार्य आउटसोर्सिंग कंपनियां कर रही हैं. इसमें सयाल डी में आरए माइनिंग व पीएसएमई, उरीमारी में आशीर्वाद, न्यू बिरसा में कार्तिक माइनिंग, बलकुदरा में बीजीआर माइनिंग प्रमुख हैं. ये कंपनियां अक्सर अपराधियों व नक्सलियों के निशाने पर रही हैं. खनन कार्य शुरू होते ही अपराधी व नक्सली रंगदारी व लेवी के लिए कंपनियों के कैंप व खदान एरिया में गोलीबारी व आगजनी की घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर देते हैं. ऐसी घटनाओं से कोयला कारोबारी व ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोग भी दहशत में रहते हैं. बाद में अपराधियों व नक्सलियों को मैनेज कर कंपनियां अपना कामकाज आगे बढ़ाती रहती हैं. बीते चार जनवरी को न्यू बिरसा बीजीआर खदान में आलोक गिरोह के अपराधियों ने आगजनी व गोलीबारी की थी. इस घटना के चार दिन बाद ही आलोक गिरोह के अपराधियों झामुमो नेता संतोष सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी.
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