रैयतों को नौकरी नहीं मिलने पर दी आंदोलन की चेतावनी

रैयतों को नौकरी नहीं मिलने पर दी आंदोलन की चेतावनी

गिद्दी. विस्थापित संघर्ष समिति ने गिद्दी सी कोलियरी प्रबंधन को पत्र दिया है. पत्र में समिति का कहना है कि हमलोगों के पूर्वजों से वर्ष 1960 में एनसीडीसी ने 79.08 एकड़ जमीन अधिग्रहण किया था. इसका खाता नंबर 65, 76 व 88 है. इस जमीन का मुआवजा वर्ष 1978 व 1981 में दिया गया है. पत्र में कहा गया है कि हमलोगों ने सीसीएल प्रबंधन से 39 लोगों को नौकरी देने की मांग की है. प्रबंधन ने रैयतों को जिस जमीन की मुआवजा राशि दी है, उस जमीन के एवज में आरआर पॉलिसी के तहत सीसीएल प्रबंधन ने 39 लोगों को नौकरी देने पर सहमति जताया है. पत्र में कहा गया है कि सीसीएल प्रबंधन द्वारा वर्ष 2013 में 23 लोगों को नौकरी दी गयी है, लेकिन 16 लोगों को अभी तक नौकरी नहीं मिली है. पत्र में कहा गया है कि नौकरी देने के लिए रैयतों से सीसीएल प्रबंधन ने जो कागजात की मांग की थी, उसे दे दिया गया है. प्रबंधन इसके प्रति गंभीर नहीं है. पत्र में कहा गया है कि हमलोग गरीब आदिवासी हैं. आय का और कोई माध्यम नहीं है. पत्र में प्रबंधन को चेतावनी दी है कि 16 लोगों को अविलंब नौकरी नहीं दी जायेगी, तो रैयत आंदोलन करेंगे. पत्र की प्रतिलिपि सीसीएल सीएमडी व पुलिस-प्रशासन को भी दी गयी है. पत्र देने वालों में रतिलाल मरांडी, पतिलाल मांझी, सुखराम मांझी, सुरेश मांझी, सुनील मरांडी, लालजी मरांडी, ललन मांझी, दिनेश मरांडी, शिबू मरांडी, सीताराम, अमृत, राहुल, सोमरी देवी, अनिल मरांडी, संजय मरांडी, ब्रजेश मरांडी, राजेश मरांडी, प्रीति, रानी, देवंती, तालोमुनी, उर्मिला, सरस्वती, बहाराम बेसरा के नाम शामिल हैं.

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Published by: Saroj tiwary

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