पुलिस के कड़े रुख के बाद गोदाम मालिक व सुरक्षा एजेंसी ने मिल कर दिया एक लाख 25 हजार रुपये मुआवजा
तबीयत खराब होने की सूचना के बाद भी नहीं पहुंचे गोदाम मालिक
लोगों ने सूचना दी, तब पुलिस शव को लेकर थाना आयी
रामगढ़ : नयीसराय नाले के निकट शनिवार की सुबह एक गोदाम के सुरक्षागार्ड जमुना ठाकुर (55वर्ष) को मृत पाया गया. इसे लेकर आज दिन भर गहमा-गहमी रही. उक्त गोदाम मेन रोड स्थित प्रसाद एंड संस नामक छड़-सीमेंट दुकान के मालिक का है. सूचना मिलने पर नयीसराय के स्थानीय लोग गोदाम पहुंचे.
स्थानीय लोगों ने ही नयीसराय के एक चिकित्सक डाॅ अनिल कुमार सिंह को बुला कर सुरक्षा गार्ड की जांच करवायी. डाॅ सिंह ने जमुना ठाकुर को मृत घोषित किया तथा कहा कि अगर समय पर चिकित्सा सुविधा मिलती तो गार्ड बच सकता था. बाद में स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस आकर शव को थाने ले आयी. मृत सुरक्षा गार्ड जमुना ठाकुर आइइएल गारमेंट कॉलोनी गोमिया का रहने वाला था. लोगों का कहना था कि सुरक्षा गार्ड किसी दीवार से गिर गया था.
इससे उसे चोट लग गयी थी. वहीं कुछ का कहना था वह बीमार था. लोगों ने आरोप लगाया कि गार्ड ने बीमारी या चोट लगने की सूचना गोदाम मालिक को दी थी. लेकिन मालिक वहां नहीं पहुचे. सूचना मिलने पर गार्ड जमुना ठाकुर के पुत्र ब्रजेश ठाकुर गोमिया से रामगढ़ पहुंचा. उसने बताया कि उसके पिता को कोई बीमारी नहीं थी तथा वह कोई नशा नहीं करते थे. बाद में रामगढ़ थाना में सुरक्षा कंपनी के अधिकारियों व प्रसाद एंड संस के मालिक जितेंद्र प्रसाद डब्लू को बुला कर मुआवजा आदि की बात प्रारंभ की गयी. मुआवजे की राशि को लेकर काफी देर तक झंझट होता रहा. इसके बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया तब एक लाख 25 हजार मुआवजे की राशि देने पर सहमति बनी. सुरक्षा कंपनी की ओर से 62 हजार पांच सौ तथा जितेंद्र प्रसाद द्वारा 62 हजार पांच सौ की राशि देने की सहमति बनी. काफी संख्या में शहर के गण्यमान्य लोग मामले को लेकर थाना पहुंचे थे.
