रामगढ़ : पूरे देश में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर विगत एक वर्ष से कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं. रामगढ़ जिले के दुलमी प्रखंड को खुले में शौच से मुक्त करने को लेकर सरकारी व गैर सरकारी स्तर पर जोरदार अभियान चलाया गया़ लेकिन इसके ठीक विपरीत जिला मुख्यालय के सबसे महत्वपूर्ण कार्यालय समाहरणालय का हाल-बेहाल है़
पूर्व में हर विभाग, हर जिला के अधिकारी अपने-अपने विभागों में स्वयं झाड़ू लगाते नजर आते थे. लेकिन इसका क्या असर हुआ है, लोग स्वच्छता के प्रति कितने जागरूक हुए हैं यह सब के सामने है. स्वच्छता के प्रति रामगढ़ के अधिकारी व कर्मचारी कितने जागरूक हैं इसका जीता-जागता नमूना रामगढ़ समाहरणालय के शौचालय व मूत्रालय हैं. स्वच्छता अभियान को मुंह चिढ़ाते रामगढ़ समाहरणालय के शौचालय व मूत्रालय काफी गंदे हैं तथा उपयोग के लायक नहीं हैं.
समाहरणालय भवन में कार्यालयों को प्रारंभ हुए अभी लगभग दो वर्ष हुए हैं. लेकिन यहां के शौचालय व पेशाब खाने में गंदगी ही गंदगी पसरी है़ यहां लगे मार्बल व टाइल्स सफाई के अभाव में धूल जम कर काले हो चुके हैं. लगाये गये पैन आदि टूटने लगे हैं तथा पाइप लाइन उखड़ रहे हैं. समाहरणालय के तीनों ब्लॉक के सभी शौचालय व मूत्रालय का एक ही हाल है. केवल ब्लॉक ए जिसमें उपायुक्त कार्यालय है के प्रथम तल्ले का शौचालय व मूत्रालय कुछ साफ है.
