केदला : इंटक के आपसी कलह के कारण जेबीसीसीआइ का गठन होने से रूका गया. चार लाख कोयला उद्योग के मजदूरों के भविष्य के साथ इंटक के नेताओं ने खिलवाड़ किया है. उक्त बातें भारतीय मजदूर संघ के हजारीबाग एरिया के क्षेत्रीय सचिव शंकर सिंह ने मंगलवार को सीसीएल की केदला उत्खनन परियोजना के वर्कशॉप में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कही. उन्होंने सीटू से संबंधित श्रमिक संगठन के नेताओं को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि पिछले दिनों दो सितंबर को हुए देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए मजदूरों को कई सपने दिखाये गये. नेताओं ने पीट मिटिंग के दौरान मजदूरों को एक लाख बोनस दिलाने का वादा किया था. अब वह वादा पूरा करने का समय आ गया है. 22 सितंबर को कोलकत्ता में संयुक्त ट्रेड यूनियन की बैठक है. इसमें कोयला उद्योग के मजदूरों को मिलनेवाले बोनस को लागू किया जायेगा.
तब जाकर मजदूरों के सामने तीनों संगठन के पर्दे के पीछे का चेहरा सामने आयेगा और मजदूरों को हकीकत पता चलेगा. यूनियन के नेताओं ने कोयला उद्योग के मजदूरों को अपना शिकार बना कर ठगने का काम किया है. उन्होंने कहा कि भरतीय मजदूर संघ मजदूरों की समस्या को लेकर हर बार आंदोलन किया है और मजदूरों को हक और अधिकार दिला कर रहा है. ना की मजदूरों को ठगने का काम किया है. मजदूर के हक के लिए बीएमएस हमेशा आंदोलन करते रही है और आगे भी करेगी. मौंके पर आरडी शर्मा, मंतोष कुमार सिंह, रितेश कुमार सिंह, सतेंद्र सिंह, चंदन कुमार सिंह, लक्ष्मण कुमार सिंह व अन्य उपस्थित थे.
