कुजू : हमारे यहां प्रकृति की सभी वरदान की पूजा की जाती है. करमा पूजा प्रकृति की पूजा है. हमलोग धरती, पहाड़, पेड़-पौधे, जीव-जंतु, चांद-सूरज आदि की पूजा करते हैं. अगर धरती को बचाना है तो अपने पूर्वजों के बताये गये रास्तों पर चल कर प्रकृति की पूजा करनी होगी.
उक्त बातें पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने सारूबेड़ा में आयोजित करमा पूजा महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि कही. उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में आयोजित पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने विश्व को प्रकृति की पूजा करने की बात कही थी. करमा पूजा का महत्व सभी समुदाय के लिए है. उन्होंने कहा कि विकास में किसी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए. विशिष्ट अतिथि सांसद प्रतिनिधि कुमार महेश सिंह ने कहा कि सभी दलों को मिल कर क्षेत्र के विकास में योगदान देना चाहिए.
विशिष्ट अतिथि झामुमो केंद्रीय महासचिव फागू बेसरा ने कहा कि करमा पूजा में कर्म ही धर्म है का संदेश मिलता है. इससे पूर्व अतिथियों का स्वागत समिति के लोगों ने फूल माला पहना कर किया. मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि द्वारा करम डाल की पूजा की गयी. साथ ही कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि यशवंत सिन्हा ने किया. मौके पर रांची से आये केसरिया नागपुरी म्यूजिकल ग्रुप द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति की गयी.
कलाकर प्रीतम, अनिता, सुमन, आशिन आदि ने एक से बढ़ कर एक नागपुरी गीत प्रस्तुत किया. इस अवसर पर जिप सदस्य दुष्यंत पटेल, भाजपा जिला अध्यक्ष पप्पू बनर्जी, टुनू गोप, प्रकाश मिश्रा, सोनाराम मांझी, अमरेंद्र गुप्ता, संजय सिंह, पुरुषोत्तम पांडेय, जगेश्वर प्रजापति, रतन प्रसाद, हेमंत सिंह, मनोज पांडेय, मन्नू महतो, मनोज गिरि, शुमेश्वर महतो, डीसी मुंडा, प्रकाश मुंडा, रोजे करमाली, जालेश्वर करमाली, रामरतन मुंडा, सोहन करमाली, राजू मुंडा, सुदेश उरांव सहित कई लोग उपस्थित थे.
