रामगढ़ : मेन रोड स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में मंगलवार से प्रारंभ हुये श्री दशलक्षण महापर्व के दूसरे दिन बुधवार को उत्तम मार्दव धर्म की पूजा जैन धर्मावलंबियों द्वारा किया गया. मौके पर बताया गया कि क्षमा के समान ही मार्दव भी आत्मा का स्वभाव है. मार्दवस्वभावी आत्मा के आश्रय से आत्मा में जो मान के अभाव रूप शांति स्वरूप यथार्थ प्रकट होती है उसे मार्दव कहते हैं.
श्री दशलक्षण महापर्व के दूसरे दिन प्रथम जलाभिषेक का सौभाग्य इंद्रमणी चूड़िवाल, दिलीप चूड़िवाल व ललित चूड़िवाल तथा उनके परिवार को मिला. शांतिधारा करने का सौभाग्य संपत जी चूड़िवाल, राजेंद्र व राजेश चूड़िवाल परिवार को मिला. संध्या में महाआरती का आयोजन किया गया. मौके पर रामगढ़ शहर तथा इसके निकटवर्ती क्षेत्रों के श्रद्धालु जैन महिला-पुरुष मौजूद थे. श्री दिगंबर जैन सभा के मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने बताया कि कल दिनांक आठ सितंबर 2016 को उत्तम आर्जव धर्म की पूजा जैन धर्मावलंबयों द्वारा की जायेगी.
