विरोध में ग्रामीणों ने थाना घेरा, कवरेज कर रहे मीडियाकर्मियों को भी धमकाया
उरीमारी : हजारीबाग जिला के उरीमारी ओपी प्रभारी परमानंद मेहरा पूरी तरह बेलगाम हो गये हैं. क्षेत्र में अवैध निर्माण रोकने गये विस्थापित ग्रामीण राजपति कुमार को पहले तो सार्वजनिक रूप से जम कर पीटा. फिर उसके साथ उसके पिता बिगल साव व पड़ोसी कमल साव को हाजत में बंद कर दिया.
इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने थाने को घेर लिया. ग्रामीणों के बढ़ते विरोध को देख कर प्रभारी का पुलिसिया रौब और फूट पड़ा. इतना ही नहीं, मामले का कवरेज कर रहे मीडिया कर्मियों को भी उन्होंने अंगुली दिखा कर कवरेज करने से मना किया और केस कर देने की धमकी दी. मामले की सूचना पर एसडीपीओ बड़कागांव ने तत्काल बड़कागांव इंस्पेक्टर अवधेश सिंह व गिद्दी थाना प्रभारी को मौके पर भेजा. इसके बाद निर्दोष राजपति व अन्य को पुलिस ने छोड़ दिया. साथ ही राजपति की शिकायत सुनी.
उनसे अवैध निर्माण करा रहे उदय नारायण सिंह सहित अन्य लोगों के खिलाफ आवेदन जमा लिया. इसके बाद मामला शांत पड़ा. इस दौरान राजपति को लगभग पांच घंटे तक हाजत में रहना पड़ा. इधर, पुलिस का कहना है कि उदय नारायण सिंह के घर वालों ने राजपति समेत अन्य के खिलाफ गाली-गलौज, मारपीट व छेड़खानी की शिकायत की थी. जबकि मर्माहत राजपति का कहना है कि अवैध निर्माण रोकने के लिए वह सीसीएल बिरसा के सिक्यूरिटी विभाग के साथ वहां गये थे. उन पर लगा आरोप बेबुनियाद है. पुलिस ने मामले पर मेरी एक न सुनी. बगैर जांच किये मेरे साथ मारपीट की और घंटो हाजत में बंद रखा.
आज एसपी से मिलेंगे विस्थापित: थाना घेराव का नेतृत्व कर रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता दिनेश करमाली ने कहा कि पुलिस विस्थापितों पर अत्याचार कर रही है. इसे बरदाश्त नहीं किया जायेगा. पूरे मामले से हजारीबाग एसपी, केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा को अवगत कराया जायेगा. मुख्यमंत्री तक भी मामला पहुंचाया जायेगा. पुलिस को मारपीट करने का अधिकार नहीं है. बताया कि सोमवार को मामले पर एसपी से मुलाकात करेंगे.
