धरना-प्रदर्शन. मजदूरों ने प्रबंधन के खिलाफ जम कर की नारेबाजी
पतरातू : पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पीटीपीएस में कार्यरत ठेका मजदूर गुरुवार की अहले सुबह से प्लांट गेट के समक्ष धरने पर बैठ गये. वरिष्ठ मजदूर नेता निरंजन लाल के नेतृत्व में मजदूरों ने प्रबंधन के खिलाफ जम कर नारेबाजी की. इसके बाद पतरातू-रांची मुख्य सड़क को जाम कर दिया. जाम की सूचना के बाद पतरातू थाना प्रभारी राजेश मंडल सशस्त्र बल के साथ वहां पहुंचे व मजदूरों से जाम हटाने की अपील की. लगभग एक घंटे बाद जाम हटा दिया गया. इसके बाद मजदूर प्लांट गेट के समक्ष धरना स्थल पर बैठ गये.
श्री लाल ने कहा कि मांगों की पूर्ति के लिए प्रबंधन को पूर्व में भी दो बार आवेदन दिया गया. बार-बार आश्वासन के बावजूद निर्धारित समय सीमा में मांगों की पूर्ति के लिए कोई पहल नहीं की गयी. मजदूरों की मांगों में एडहॉक, वार्षिक वेतन वृद्धि, चिकित्सा भत्ता, आवास भाड़ा भुगतान प्रमुख है. उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार मजदूरों को भुगतान देना प्रबंधन का दायित्व है. मौके पर दीपक कुमार यादव, अनिकेत आनंद, मनउवर अली, आनंद कुमार, दिनेश महतो, गोविंद, बैजनाथ, विजय, राजेंद्र, प्रभु, प्रताप, कार्तिक, विनोद, कपिल मुनी, किशोर, पन्नालाल, सोमनाथ, अनिल, सूरज अस्थानंद समेत सैंकड़ों मजदूर उपस्थित थे.
वार्ता के बाद धरना समाप्त किया : श्रम अधीक्षक रामगढ़ की उपस्थिति में प्रबंधन व मजदूरों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई. प्रबंधन द्वारा कहा गया कि मजदूरों की मांगों को लेकर मुख्यालय को पत्र दिया गया है. परंतु अभी तक वहां से इसका उत्तर अप्राप्त है. मुख्यालय से जबाव आने के बाद ही आगे कोई वार्ता हो सकती है. जबकि मजदूरों द्वारा बताया गया कि 13 जनवरी 2009 को हुए त्रिपक्षीय समझौता में श्रमिकों की सूची में इन श्रमिकों का नाम नहीं है.
जबकि समझौता सभी श्रमिकों पर लागू है. श्रम अधीक्षक द्वारा विभाग से परामर्श लेकर आगे की कार्रवाई करने की बात कही गयी. साथ ही मजदूरों को आंदोलन स्थगित करने का अनुरोध किया गया. इनके अनुरोध पर श्रमिकों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित करते हुए धरना समाप्त कर दिया. इस संबंध में 11 मई को पुन: श्रम अधीक्षक के साथ वार्ता तय की गयी है.
