पतरातू : पीटीपीएस प्लांट परिसर स्थित पोर्टिगो सभागार में फ्लाई ऐश से ईंट निर्माण विषय पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. इसमें अधिकारियों ने फ्लाई ऐश से बननेवाले ईंट के फायदे व इसकी गुणवत्ता पर प्रकाश डाला. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि फलाई ऐश से बननेवाली ईंट काफी उपयोगी होती है.
इसमें लाल ईंट में लोड लेने की क्षमता अधिक होती है और इसमें पानी सोखने की क्षमता भी अधिक पायी जाती है. जीएम श्री नारायण ने कहा कि मिट्टी निर्मित ईंट से पर्यावरण को काफी नुकसान होता है. फलाई ऐश से ईंट बनाने में इंधन की 30 प्रतिशत बचत होती है. इससे निर्माण में सीमेंट कम लगता है और यह अधिक मजबूत होता है.
पर्यावरण की सुरक्षा के लिए यह काफी जरूरी है. जीएम ओएंड एम श्री मजूमदार ने कहा कि फलाई ऐश से समाज के विकास में सहयाता मिलेगी. अब कृषि के क्षेत्र में भी इसका उपयोग किया जा रहा है. जीएम ऑपरेशन श्री मिथिलेश कुमार सिंह ने कहा कि पर्यावरण सुरक्षा देश के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती है. सरकार द्वारा फलाई ऐश के उपयोग में तेजी लायी जा रही है. कृषि के क्षेत्र में भी उपज वृद्धि के लिए इसका उपयोग हो रहा है.
सभी ने फलाई ऐश के उपयोग पर जोर दिया ताकि इससे पर्यावरण की सुरक्षा के साथ-साथ, हमें इसका अधिक से अधिक फायदा मिल सके. कार्यक्रम का आयोजन पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के तत्वावधान में किया गया. कार्यक्रम में मुख्य रूप से निगम लिमिटेड ओएंडएम के जीएम ए मजूमदार, एनटीपीसी कहलगांव के सीनियर मैनेजर वीरेंद्र कुमार, एनटीपीसी ऑपरेशन जीएम मिथिलेश कुमार सिंह, पीटीपीएस जीएम बच्चू नारायण समेत मुख्य अभियंता एक रमेश कुमार, मुख्य अभियंता दो संजय सिन्हा, टीएस टू जीएम प्रभाकर झा, सीआइएसएफ कमांडेंट बृजभूषण समेत कई लोग उपस्थित थे.
