ओके...वर्चस्व की लड़ाई में हो रही है हत्या

अोके…वर्चस्व की लड़ाई में हो रही है हत्या पतरातू. पांडेय गिरोह व सुशील श्रीवास्तव गुट की आपसी वर्चस्व की लड़ाई ने पतरातू क्षेत्र को अशांत कर दिया है. दोनों गुट क्षेत्र में अपनी रंगदारी का सिक्का चमकाने के लिए आये दिन अपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. इससे यहां के लोग दहशत में जीने […]

अोके…वर्चस्व की लड़ाई में हो रही है हत्या पतरातू. पांडेय गिरोह व सुशील श्रीवास्तव गुट की आपसी वर्चस्व की लड़ाई ने पतरातू क्षेत्र को अशांत कर दिया है. दोनों गुट क्षेत्र में अपनी रंगदारी का सिक्का चमकाने के लिए आये दिन अपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. इससे यहां के लोग दहशत में जीने को विवश हैं. दोनों गुट पतरातू प्रखंड क्षेत्र के रंगदारी में अपना वर्चस्व चाहते हैं. यह क्षेत्र औद्योगिक व व्यवसायिक दृष्टिकोण से काफी क्रीमी माना जाता है. जहां अपराध जगत की पैठ के लिए काफी जगह है. यहां सीसीएल, रेलवे, पीटीपीएस, जिंदल, बर्नपुर सहित कई छोटी-बड़ी औद्योगिक व व्यवसायिक इकाइयां हैं. इसमें ठेका पट्टा सहित अवैध कारोबार करनेवालों से अपराधिक गुट रंगदारी वसूलते हैं. नियमत: जो अपराधिक गुट जिससे रंगदारी वसूलता है, उसको संरक्षण भी देता है. इन दोनों गुटों के निशाने पर अक्सर रंगदारी देनेवाले ऐसे लोग ही होते हैं, जो एक गुट को रंगदारी देते हैं. इस चक्कर में वर्षों से यहां हत्या, अपहरण, गोली चालन व बमबारी की घटना होते रही है. दोनों गुट एक-दूसरे पर भारी पड़ने के लिए अक्सर एक-दूसरे गुट के नजदीकी लोगों को निशाना बनाते हैं. दोनों गुटों के बीच 15 अक्तूबर 2014 के बाद वर्चस्व की लड़ाई काफी तेज हो गयी है. सुशील श्रीवास्तव गुट ने 15 अक्तूबर 2014 को पांडेय गिरोह के सरगना रहे किशोर पांडेय की जमशेदपुर में सरेशाम हत्या कर दी थी. बदला स्वरूप पांडेय गिरोह ने दो जून 2015 को सुशील श्रीवास्तव को हजारीबाग कोर्ट परिसर में गोलियों से भून डाला. इसके बाद एक के बाद एक कई अपराधिक घटनाओं को दोनों गुटों ने पतरातू क्षेत्र में अंजाम दिया. किशोर पांडेय की हत्या के बाद सुशील गुट इस क्षेत्र में तेजी से हावी होने लगा था. इस गुट ने किशोर पांडेय की मौत का हवाला देकर यह कहना शुरू कर दिया था कि पांडेय गिरोह का अंत हो गया है. अब क्षेत्र के सभी तरह की रंगदारी वे वसूलेंगे. तभी पांडेय गिरोह के विकास तिवारी ने सुशील श्रीवास्तव को मार कर यह साबित किया कि पांडेय गिरोह अभी जिंदा है. क्षेत्र में इसके बाद अपराधिक घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हो गयी. आये दिन ये गुट क्राइम कर उसकी जिम्मेवारी अपने सिर लेने लगे. कामेश्वर पांडेय की हत्या की कड़ी भी इसी से जुड़ी है. पतरातू में है मातमी सन्नाटाघटना के बाद पतरातू में मातमी सन्नाटा पसर गया है. पतरातू बाजार, न्यू मार्केट, बिरसा मार्केट आदि छोटे-मोटे कॉलोनियों के बाजार स्वत: स्फूर्त बंद हो गये हैं. स्टीम कॉलोनी, डीजल कॉलोनी समेत पीटीपीएस आवासीय कॉलोनी सहित आसपास के लोग सरेशाम अपने आवासों में दुबक गये हैं. सड़क पर सन्नाटा है. लोगों को भय है कि प्रतिक्रिया स्वरूप अभी घटनाएं और भी होंगी. हालांकि स्थिति पर नियंत्रण के लिए रामगढ़ एसपी डॉ एम तमिल वाणन पतरातू में खुद कैंप किये हुये हैं. बावजूद लोगों में दहशत है.सुशील श्रीवास्तव के हत्या के बदले की कार्रवाई है : एसपीघटना के बाद पतरातू पहुंचे रामगढ़ एसपी डॉ एम तमिल वाणन ने कहा कि कामेश्वर पांडेय की हत्या गैंगवार का नतीजा है. सुपारी देकर उनकी हत्या करायी गयी है. पुलिस सक्रियता से मामले की जांच कर रही है. एसपी ने कहा कि सुशील श्रीवास्तव की हत्या के बदले के रूप में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है. उन्होंने बताया कि एक हत्यारा पुलिस की गिरफ्त में है. उससे पूछताछ के बाद पूरा मामला खुल कर सामने आ जायेगा. एसपी ने बताया कि जिस रिवाल्वर से कामेश्वर पांडेय की हत्या की गयी है कि उसे अपराधियों ने झाड़ियों में कहीं फेंक दिया है. वहीं एक अपराधी अब भी पकड़ से बाहर है. अहले सुबह से जंगलों में एक बार फिर सर्च अभियान चलाया जायेगा. घर पहुंचा शव, बिलख रहे हैं परिजन : कामेश्वर पांडेय का शव पतरातू बस्ती स्थित उनके पुश्तैनी घर में शाम लगभग चार बजे पहुंचा. शव पहुंचते ही उनके परिजन दहाड़े मार कर रोने लगे. परिजनों के आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहे थे. परिजनों की स्थिति को देख उन्हेें ढाढ़स बंधाने आये लोगों की आंखें भी नम हो गयी. लोगों का कहना था कि कामेश्वर पांडेय का अपराध जगत से कोई नाता नहीं था. अपराधियों ने अपने वर्चस्व की लड़ाई में एक सीधे-सादे व निरीह व्यक्ति की जान ले ली.

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