ओके... प्रदूषण से आना-जाना हुआ मुश्किल

ओके… प्रदूषण से आना-जाना हुआ मुश्किल 17 बीएचयू-11-न्यू बिरसा परियोजना के ओवरलोड डंपर से उड़ता धूल.उरीमारी. डंपरों में ओवलोड कोयले की ढुलाई व इससे उड़ने वाली धूल के कारण सयाल, उरीमारी के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सयाल से उरीमारी आना जाना मुश्किल हो गया है. ओवरलोड डंपरों से कोयला […]

ओके… प्रदूषण से आना-जाना हुआ मुश्किल 17 बीएचयू-11-न्यू बिरसा परियोजना के ओवरलोड डंपर से उड़ता धूल.उरीमारी. डंपरों में ओवलोड कोयले की ढुलाई व इससे उड़ने वाली धूल के कारण सयाल, उरीमारी के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सयाल से उरीमारी आना जाना मुश्किल हो गया है. ओवरलोड डंपरों से कोयला सड़क पर गिरता है. जो चूर होकर उड़ता रहता है. साथ ही दुर्घटना की भी आशंका बनी रहती है. पोड़ा गेट से उरीमारी चेक पोस्ट तक धूल का गुब्बार हर समय रहता है. सड़क किनारे घर-दुकानों पर धूल की मोटी परत जमी रहती है. उरीमारी पुल पार करने में लोगों को खासी मुश्किल होती है. प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सीसीएल प्रबंधन द्वारा कई टैंकरों को पानी छिड़काव के काम में लगाया गया है. लेकिन यह टैंकर सड़क पर कब पानी का छिड़काव करते हैं, यह कोई नहीं देख पाता है. हर वक्त उड़ने वाली धूल लोगों की सेहत बिगाड़ रही है. न्यू बिरसा आउटसोर्सिंग परियोजना से बड़े-बड़े हाइवा के ओवरलोड चलने के कारण सयाल-उरीमारी मुख्य मार्ग पर प्रदूषण ज्यादा बढ़ा है. क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों ने सीसीएल प्रबंधन से प्रदूषण पर रोक लगाने की मांग की है. प्रदूषण पानी छिड़काव के आगे कोई कदम नहीं उठा पाता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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