विरोध में सात घंटे ठप रहा उत्पादन

दोषी अधिकारी व सुपरवाइजर पर प्रबंधन कार्रवाई करे उरीमारी : बुधवार को दूसरी पाली में काम करने के दाैरान डंपर से दब कर गंभीर रूप से घायल ऑटो इलेक्ट्रिशियन दशाराम मांझी का इलाज रांची के मेडिका अस्पताल में किया जा रहा है. बताया गया कि उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है. उन्हें गहन चिकित्सा कक्षा […]

दोषी अधिकारी व सुपरवाइजर पर प्रबंधन कार्रवाई करे
उरीमारी : बुधवार को दूसरी पाली में काम करने के दाैरान डंपर से दब कर गंभीर रूप से घायल ऑटो इलेक्ट्रिशियन दशाराम मांझी का इलाज रांची के मेडिका अस्पताल में किया जा रहा है. बताया गया कि उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है. उन्हें गहन चिकित्सा कक्षा में रखा गया है.
मालूम हो कि डंपर में कार्य करने के लिए जाने के समय ही एकाएक डंपर नीचे लुढ़कने लगा. दशाराम इसकी चपेट में आ गये. बताया गया कि डंपर ढलान पर खड़ा था. वह एकाएक लुढ़कने लगा. इसी की चपेट में वह आ गये. जानकारी मिली है कि प्रबंधन ने हड़ताल के दौरान उन्हें डंपर चलाने के लिए बुलाया था. दशाराम को छाती व पैर में गंभीर चोट लगी है.
अस्पताल पहुंचे सीएमडी : देर रातसीसीएल के सीएमडी गोपाल सिंह खुद घायल मजदूर की स्थिति देखने गये. उनके साथ डीपी व सीएमओ भी थे. सीएमडी ने अस्पताल के डॉक्टरों से दशाराम के बाबत पूरी जानकारी ली. कहा कि यदि और बेहतर इलाज की जरूरत पड़ती है, तो एयर एंबुलेंस बुला कर उसे दिल्ली के बेहतरीन अस्पताल में भेजा जाय. सीसीएल पूरा खर्च उठायेगा.
डॉक्टरों ने उन्हें भरोसा दिया कि फिलहाल मरीज की स्थिति नियंत्रण में है. जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाया जायेगा.
ट्रेड यूनियन के नेताओं ने मुलाकात की : दशाराम के कार्य के दौरान घायल होने की सूचना मिलने के बाद क्षेत्र के ट्रेड यूनियन के नेता समेत क्षेत्र के विस्थापित उरीमारी परियोजना पहुंचे.
मामले की जानकारी ली. सुबह छह बजे से परियोजना के कामकाज को ठप करा दिया गया. लोगों की मांग थी कि दोषी अधिकारी व सुपरवाइजर पर प्रबंधन तत्काल कार्रवाई करे. दशामराम का दिल्ली के मेदांता अस्पताल में इलाज कराये. सीसीएल सेफ्टी बोर्ड के सदस्य प्रभु दयाल सिंह व उदय कुमार सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने प्रबंधन से कहा कि क्वायरी के अंदर में जहां शेड नहीं है, वहां पेर डंपर खड़ा करना सुरक्षा नियमों के विरूरुद्ध है. साथ ही गलत पद के व्यक्ति से दूसरे कार्य कराना भी नियम विरुद्ध है.
कमेटी के सदस्यों ने प्रबंधन को कहा कि जब तक रांची मुख्यालय व डीजीएमएस समेत सुरक्षा समिति के लोगों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कार्य पूरा नहीं कर लिया जाता है, तब तक घटनास्थल पर पूर्व से खड़े आठ डंपर व एक टैंकर को वहीं खड़ा रहने दिया जाये. प्रबंधन ने इन बातों को मान लिया. जबकि कार्रवाई के बाबत प्रबंधन ने लिखित आश्वासन दिया है कि जांच करा कर दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी जायेगी. वार्ता के बात दोपहर एक बजे कामकाज सुचारू हुआ.
पोटंगा बेस वर्कशॉप में उदय सिंह की अध्यक्षता में सभा आयोजित की गयी. वक्ताओं ने कहा कि प्रबंधन ने हड़ताल के दौरान जबरन मजदूरों से सुरक्षा नियमों को ताक पर रख कर काम कराया है. इसी का परिणाम है कि आज दशाराम मांझी, मौत व जिंदगी के बीच जूझ रहा है.
प्रबंधन दोषी अधिकारी, शिफ्ट इंचार्ज व अन्य दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लोगों को भरोसा में ले. सभा को प्रभुदयाल सिंह, दिलीप यादव, सतीश सिन्हा, विंध्याचल बेदिया, अशोक शर्मा, देवेंद्र कुमार सिंह, अर्जुन सिंह, संजय शर्मा, रामाशंकर शाही, धर्मदेव विश्वकर्मा, विश्वनाथ मांझी, संजय करमाली आदि ने संबोधित किया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >