रामगढ़ : स्थानीय नीति के तहत रामगढ़ जिला का निवासी नहीं होने के कारण सदर अस्पताल समेत विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में अनुबंध पर नियुक्त 17 कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गयी है. 27 सितंबर को उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक हुई थी. इसमें सर्वसम्मति से अनुबंध पर नियुक्त 17 स्वास्थ्य कर्मियों को स्थानीय नीति के तहत रामगढ़ जिला का निवासी नहीं होने के कारण नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया. ये स्वास्थ्य कर्मी विज्ञापन संख्या 02/2018 के आलोक में अुनबंध पर नियुक्त किये गये थे.
अनुबंध पर नियुक्त 17 कर्मियों की सेवा समाप्त
रामगढ़ : स्थानीय नीति के तहत रामगढ़ जिला का निवासी नहीं होने के कारण सदर अस्पताल समेत विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में अनुबंध पर नियुक्त 17 कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गयी है. 27 सितंबर को उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक हुई थी. इसमें सर्वसम्मति से अनुबंध पर नियुक्त 17 स्वास्थ्य कर्मियों को स्थानीय नीति […]

जिले के 16 कर्मियों की नियुक्ति रद्द की गयी है. उनमें 12 जीएनएम, तीन फर्मासिस्ट तथा दो प्रयोगशाला प्रावैधिक हैं. जिनकी नियुक्ति रद्द की गयी है उनमें जीएनएम पद पर कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला की रीना कुमार, अनिया लकड़ा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मांडू की रंजू कुमारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पतरातू की रक्षिता एक्का, सदर अस्पताल रामगढ़ की नीलम एक्का, सुप्रिया लकड़ा, सुनीता लकड़ा, प्रीति रश्मि केरकेट्टा, किरण प्रसाद, सुलेखा कुमारी, पूनम कुमारी व मधुलिका रश्मि शामिल हैं.
वहीं अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चितरपुर के प्रयोगशाला प्रावैधिक दिलीप टोप्पो व अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चैनगड्डा के प्रयोगशाला प्रावैधिक कुमारी अंकिता रवि, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चितरपुर की फर्मासिस्ट प्रीति रानी लकड़ा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के फर्मासिस्ट अफरोज अहमद तथा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गंडके की फर्मासिस्ट विनीता टोप्पो शामिल हैं. चिकित्सा कर्मियों की नियुक्ति के बाद से ही आजसू द्वारा बाहरी लोगों की नियुक्ति के विरोध में आंदोलन चलाया जा रहा था.