भयहरण दांगी व लालेश्वर ने पेड़ काटने से किया था मना
पेड़ की डाली गिरने से छात्रा की हो गयी थी माैत
दुकानदार भयहरण ने दिया 70 हजार रुपये का मुआवजा
दुकान हटाने व पीपल पेड़ को काटने का निर्देश
चितरपुर : रजरप्पा थाना क्षेत्र के बड़कीपोना गांव में गुरुवार को पेड़ की टहनी गिरने से हुई छात्रा की मौत के मामले में दूसरे दिन शुक्रवार को ग्रामीणों ने शव के साथ विरोध प्रदर्शन कर चौक को जाम कर दिया. उधर, छोटकीपोना व बड़कीपोना गांव के लोग विद्यालय गेट के समक्ष पहुंच कर बड़कीपोना-दुलमी पथ को जाम कर दिया. इससे लोगों का आवागमन बाधित हो गया. ग्रामीणों ने सूख गये पीपल व जामुन के पेड़ को काटने एवं भयहरण दांगी व लालेश्वर उर्फ चोवालाल महतो पर कार्रवाई करने एवं पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की.
ग्रामीणों का कहना था कि इनके कारण ही पेड़ को काटने नहीं दिया गया था. इसके कारण ही यह दुर्घटना हुई. उधर, पोस्टमार्टम के बाद शव को बड़कीपोना चौक लाया गया. छात्रा के शव को भयहरण दांगी के घर के समक्ष रख दिया गया. इसके बाद यहां मामला और बढ़ गया. प्रशासन ने भयहरण दांगी को गोला थाना बुलाया. यहां भयहरण ने मुआवजा के तौर पर पीड़ित परिवार को 70 हजार की राशि दी. उधर, चितरपुर अंचलाधिकारी ने रेलवे की भूमि पर भयहरण व चोवालाल द्वारा बनायी गयी दुकान को भी हटाने को लेकर रेलवे विभाग को पत्र दिया है. वन क्षेत्र पदाधिकारी ने पीपल व जामुन पेड़ को काटने का निर्देश दिया.
इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और छात्रा का अंतिम संस्कार किया गया. छात्रा की मौत के बाद अधिकांश छात्र-छात्राएं शुक्रवार को विद्यालय नहीं पहुंचे. मौके पर आजसू के जिला कार्यकारी अध्यक्ष अमृतलाल मुंडा, बोरोबिंग मुखिया नीना देवी, बड़कीपोना मुखिया निर्मला देवी, रमेश दांगी, नंदकिशोर राम दांगी, चेतलाल कुमार दांगी, सखीचंद राम दांगी, बीरबल महतो, आकाश कुमार, पिंटू कुमार, विशाल कुमार, रामधनी राम दांगी, अशोक बेदिया माैजूद थे.
