11,000 करोड़ के सेस पर रघुवर दास ने सरकार को घेरा, बोले- ओडिशा 7,000 करोड़ कमा रहा, झारखंड क्यों पीछे?

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हेमंत सोरेन सरकार पर कोयला, बालू और पत्थर के अवैध कारोबार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने राज्य के राजस्व नुकसान और विकास पर असर की बात कही. रघुवर दास ने ओडिशा का उदाहरण देते हुए कहा कि झारखंड खनिज समृद्ध होने के बावजूद पीछे क्यों है, सरकार को इसका जवाब देना चाहिए.

नवीन शर्मा की रिपोर्ट

रांचीः झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हेमंत सोरेन सरकार और जेएमएम-कांग्रेस-राजद गठबंधन पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने राज्य में कोयला, बालू और पत्थर के कथित अवैध कारोबार को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. रघुवर दास ने कहा कि झारखंड में अवैध खनन के कारण राज्य को राजस्व का नुकसान हो रहा है और खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर भी इसका असर पड़ रहा है.

उन्होंने आरोप लगाया कि जेएमएम-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार में कोयला, बालू और पत्थर का सिंडिकेट चल रहा है. रघुवर दास ने कहा कि जिस झारखंड में जल, जंगल और जमीन की लड़ाई की बात होती थी, उसे अब लूट का अड्डा बना दिया गया है. उन्होंने दावा किया कि जेएमएम और कांग्रेस के कई नेता बालू और कोयले की दलाली के मामलों में जेल जा चुके हैं.

एमएमडीआर बिल को झारखंड के हित में बताया

रघुवर दास ने केंद्र सरकार के एमएमडीआर संशोधन कानून को झारखंड के हित में महत्वपूर्ण फैसला बताया. उन्होंने कहा कि इससे राज्य में वैध खनन को बढ़ावा मिलेगा और अवैध खनन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध खनन से जुड़े लोगों को एमएमडीआर बिल से परेशानी हो रही है, इसलिए इसका विरोध किया जा रहा है. रघुवर दास ने कहा कि इस कानून से कथित अवैध खनन सिंडिकेट पर लगाम लगेगी.

11000 करोड़ के सेस पर सरकार को घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से लगाए गए सेस को लेकर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि सरकार 11000 करोड़ रुपए के सेस को लेकर केंद्र पर सवाल उठा रही है, लेकिन खनन से मिलने वाले दूसरे राजस्व और फंड का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है, इस पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए. उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र से मिलने वाले टैक्स और वैधानिक भुगतान का करीब 90 फीसदी हिस्सा राज्यों को मिलता है और यह राजस्व आगे भी झारखंड को मिलता रहेगा. इसके अलावा केंद्र की ओर से डीएमएफटी फंड के माध्यम से भी राशि उपलब्ध कराई जाती है.

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7000 करोड़ कमाने वाले ओडिशा का दिया उदाहरण

रघुवर दास ने पड़ोसी राज्य ओडिशा का उदाहरण देते हुए कहा कि ओडिशा ने खनन क्षेत्र से करीब 7000 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया है. उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों के मामले में झारखंड भी काफी समृद्ध है, इसके बावजूद राज्य ओडिशा से पीछे क्यों है, सरकार को इसका जवाब देना चाहिए.

30 कोल ब्लॉक में सिर्फ चार चालू होने का दावा

रघुवर दास ने कहा कि केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद करीब 30 कोल माइनिंग ब्लॉक अभी तक कंपनियों को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं. उनके मुताबिक इनमें से सिर्फ चार कोल ब्लॉक ही चालू हो पाए हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर राज्य सरकार को खनन से राजस्व बढ़ाना है, तो लंबित कोल ब्लॉकों को चालू करने की दिशा में तेजी से काम क्यों नहीं किया जा रहा है.

6000 करोड़ डीएमएफटी फंड खर्च नहीं होने का दावा

पूर्व मुख्यमंत्री ने खनन प्रभावित जिलों में डीएमएफटी फंड के इस्तेमाल को लेकर भी सरकार को घेरा. उन्होंने दावा किया कि धनबाद, हजारीबाग, रामगढ़, पाकुड़ समेत कई जिलों में करीब 6000 करोड़ रुपये से अधिक की डीएमएफटी राशि खर्च नहीं हो पाई है. उन्होंने डीएमएफटी फंड में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी बड़ी राशि उपलब्ध होने के बावजूद खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इसका पर्याप्त लाभ नहीं मिल रहा है.

44 से घटकर 37 मिलियन टन हुआ कोयला उत्पादन

रघुवर दास ने झारखंड में कोयला उत्पादन के आंकड़ों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में करीब 44 मिलियन टन कोयला उत्पादन हुआ था, जो वर्ष 2025-26 में घटकर करीब 37 मिलियन टन रह गया. उन्होंने दावा किया कि राज्य में सेस लगाए जाने और अवैध खनन के कारण कोयला उत्पादन और कारोबार प्रभावित हुआ है. रघुवर दास ने कहा कि सेस के कारण झारखंड का कोयला और लोहा महंगा हुआ है, जिससे इसकी मांग पर भी असर पड़ा है.

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संथाल में लोगों को शुद्ध पानी तक नहीं : रघुवर दास

रघुवर दास ने संथाल परगना की स्थिति को लेकर भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के क्षेत्र में भी लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. उन्होंने सरकार से सवाल किया कि छह साल के शासन में आखिर कितने आदिवासी और मूलवासी परिवारों की स्थिति में वास्तविक सुधार हुआ है.

निवेश के मुद्दे पर भी हेमंत सरकार को घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री ने हेमंत सोरेन सरकार के निवेश संबंधी दावों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने देश-विदेश में रोड शो कर बड़े-बड़े निवेश के दावे किए, लेकिन झारखंड में अपेक्षित निवेश नजर नहीं आया. रघुवर दास ने जेएमएम और कांग्रेस से कहा कि जनता को गुमराह करने के बजाय सरकार को खनन, राजस्व, डीएमएफटी फंड, कोयला उत्पादन और निवेश के मुद्दे पर जवाब देना चाहिए. उन्होंने दोहराया कि एमएमडीआर बिल झारखंड के हित में है और इससे वैध खनन को बढ़ावा मिलने के साथ अवैध खनन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.


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लेखक के बारे में

By अर्चना कुजूर

अर्चना कुजूर एक डिजिटल पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं, जो वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कार्यरत हैं. वह झारखंड डेस्क के रांची एडिशन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जिलों के साथ-साथ राज्य की प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक, प्रशासनिक और जनसरोकार से जुड़ी खबरों को कवर करती हैं. अर्चना ने वर्ष 2016 में क्राफ्ट फिल्म स्कूल, रोहिणी (नई दिल्ली) से टीवी जर्नलिज्म एंड न्यूज रीडिंग में एक वर्षीय डिप्लोमा किया. इसके बाद उन्होंने नोएडा स्थित नेशनल वॉयस न्यूज और इंडिया वॉयस न्यूज चैनल (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) में इंटर्नशिप करने के साथ-साथ व्यावहारिक पत्रकारिता का अनुभव हासिल किया.

झारखंड लौटने के बाद उन्होंने कशिश न्यूज चैनल में लगभग डेढ़ वर्ष तक आउटपुट विभाग में कॉपी राइटर के रूप में कार्य किया. इसके बाद रांची एक्सप्रेस में एजुकेशन बीट पर रिपोर्टिंग की और प्रिंट पत्रकारिता का अनुभव हासिल किया. वर्ष 2022 से उन्होंने न्यूज11 भारत और नक्षत्र न्यूज चैनल में लगभग दो-दो वर्षों तक डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए राज्य की राजनीति, शिक्षा, रोजगार, प्रशासन, योजनाओं और समसामयिक विषयों पर हजारों समाचार और विशेष लेख लिखें.

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