प्रभात खबर का असर : जमीन के फर्जीवाड़े की होगी जांच

झारखंड में जमीनों के ऑनलाइन रिकॉर्ड बनाने के नाम पर हो रही गड़बड़ियों को लेकर राज्य सरकार सख्त हो गयी है. ‘

झारखंड में जमीनों के ऑनलाइन रिकॉर्ड बनाने के नाम पर हो रही गड़बड़ियों को लेकर राज्य सरकार सख्त हो गयी है. ‘प्रभात खबर’ ने 30 अगस्त के अंक में इससे संबंधित खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था. इसके तत्काल बाद ही भू-राजस्व सचिव केके सोन ने राज्य भर के अपर समाहर्ता को ‘प्रभात खबर’ में छपी खबर की प्रति भेजते हुए निर्देश दिया है कि वे अपने स्तर से ऐसे मामलों की पड़ताल करें.

उधर, श्री सोन ने खासकर धनबाद में फर्जी तरीके से हुए म्यूटेशन और सरकारी जमीन की खरीद-बिक्री के मामले में वहां के उपायुक्त को संज्ञान लेने को कहा है. यह निर्देश मिलने के बाद धनबाद के उपायुक्त उमाशंकर सिंह ने जमीन रिकॉर्ड में हेराफेरी की आशंका के तहत कई फर्जी डीड की जांच भी शुरू कर दी है.

श्री सिंह ने बताया कि गोविंदपुर में जमीन के ऑनलाइन म्यूटेशन में गड़बड़ी की जानकारी उन्हें 10 दिन पहले ही मिली थी. उन्होंने इसकी पड़ताल शुरू करायी थी. ‘प्रभात खबर’ में प्रकाशित मामलों में निबंधन, म्यूटेशन सहित अन्य अभिलेखों की समीक्षा की जा रही है.

इस तरह के 100 मामले संज्ञान में आये हैं. सभी की जांच करायी जा रही है. कई टीमें बनायी गयी हैं. रिकॉर्ड रूम, निबंधन कार्यालय व अंचल कार्यालय से दस्तावेज जिला मुख्यालय मंगा लिया गया है. दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी. किसी को बख्शा नहीं जायेगा.

कैबिनेट में बात होगी, मुद्दा बड़ा है : मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि वह इस मामले को लेकर विभागीय सचिव से बात करेंगे. इस व्यवस्था को दुरुस्त करने पर चर्चा होगी. अंचल कार्यालय में इस तरह की हेराफेरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है. यह बड़ा मुद्दा है. इस मामले में मुख्यमंत्री से बात कर कोई स्थायी व कारगर समाधान निकालने की जरूरत है. कैबिनेट में चर्चा कर इस पर सरकार पूरी गंभीरता से कार्रवाई की दिशा में बढ़ेगी.

posted by : sameer oraon

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