रायडीह (गुमला): गुमला जिले के सुरसांग थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध गौवंशीय पशु तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कोंडरा-चटकपुर मोड़ के समीप एक पिकअप वाहन से 14 गौवंशीय पशुओं को बरामद किया. इनमें एक पशु मृत अवस्था में मिला. पुलिस ने मौके से वाहन में सवार दो लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. पुलिस के अनुसार, दोनों पर छत्तीसगढ़ से गौवंशीय पशुओं को झारखंड के बूचड़खानों में वध के लिए ले जाने का आरोप है.
पुलिस ने घेराबंदी कर पिकअप को पकड़ा
थाना प्रभारी महेश कुमार साव ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कोंडरा गांव के रास्ते अवैध रूप से गौवंशीय पशुओं की तस्करी की जा रही है. सूचना के आधार पर कोंडरा-चटकपुर मोड़ के पास वाहन जांच अभियान चलाया गया. पुलिस ने सड़क पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की जांच शुरू की. इसी दौरान रामरेखा की ओर से तेज गति से आ रहे एक पिकअप वाहन को रुकने का इशारा किया गया. चालक ने पुलिस की घेराबंदी देखकर वाहन लेकर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे रोक लिया.
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ठूंस-ठूंसकर लादे गए थे पशु, एक की मौत
पिकअप की तलाशी लेने पर उसमें 14 गौवंशीय पशु ठूंस-ठूंसकर लदे मिले. पुलिस के अनुसार, पशुओं को अत्यधिक भीड़ और अमानवीय तरीके से वाहन में रखा गया था, जिसके कारण एक पशु की मौत हो चुकी थी. पुलिस ने तत्काल पिकअप वाहन को जब्त कर उसमें सवार दोनों लोगों को हिरासत में ले लिया और उन्हें थाना ले आयी.
पूछताछ में छत्तीसगढ़ से लाने की बात सामने आई
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम साजिद खान, पिता असीर खान और मुस्तार अंसारी, पिता अमीर अंसारी, दोनों निवासी बरगीड़ाड़, थाना रायडीह बताया. पुलिस का कहना है कि पूछताछ में दोनों ने पशुओं को छत्तीसगढ़ से झारखंड के बूचड़खानों में वध के लिए ले जाने की बात स्वीकार की. इसके बाद दोनों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. पुलिस ने बरामद गौवंशीय पशुओं को जिम्मेनामे पर ग्रामीणों के बीच सौंप दिया है. थाना प्रभारी महेश कुमार साव ने कहा कि अवैध पशु तस्करी के खिलाफ पुलिस का अभियान आगे भी जारी रहेगा.
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