पलामू में 12 की जगह एक मजिस्ट्रेट के सहारे चल रहा है काम

पलामू में 12 की जगह एक मजिस्ट्रेट के सहारे चल रहा है काम

शिवेंद्र कुमार, मेदिनीनगर पलामू जिले में 12 कार्यपालक दंडाधिकारी का पद सरकार से स्वीकृत है. पिछले करीब आठ माह से कार्यपालक दंडाधिकारी का पद रिक्त है. पलामू में सिर्फ हुसैनाबाद अनुमंडल में अनंत कुमार झा कार्यपालक दंडाधिकारी के रूप में कार्यरत है. बताया जाता है कि उनकी सेवा ग्रामीण विकास विभाग को भेजी गयी है. पलामू में कार्यपालक दंडाधिकारी पद रिक्त रहने के कारण कई महत्वपूर्ण कार्यों का निबटारा लंबित है. राज्य सरकार द्वारा जिला मुख्यालय के लिए पांच कार्यपालक दडाधिकारी, सदर अनुमंडल के लिए तीन, छतरपुर अनुमंडल के लिए दो व हुसैनाबाद अनुमंडल के लिए दो कार्यपालक दंडाधिकारी का पद स्वीकृत है. एसडीओ कोर्ट के निर्देश पर मकान खाली कराने व जमीन संबंधित मामलों में मजिस्ट्रेट के नहीं रहने से काफी परेशानी हो रही है. कार्यपालक दंडाधिकारी नहीं रहने के कारण कई विभाग के पद भी प्रभार में संचालित है. जानकारी के अनुसार सामान्य शाखा, स्थापना शाखा, विधि, विकास शाखा, नजारत उपसमाहर्ता के पद पर कार्यपालक दंडाधिकारी नहीं है. किसी अन्य अधिकारी को इसका प्रभार दिया गया है. इसी तरह जिले के हुसैनाबाद व छतरपुर अनुमंडल पदाधिकारी के पास कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्ति नहीं है. हुसैनाबाद अनुमंडल के एसडीओ का स्थानांतरण होने के बाद हुसैनाबाद के डीसीएलआर गौरांग महतो को पांच जनवरी को अनुमंडल पदाधिकारी का प्रभार दिया गया है. लेकिन साढ़े तीन महीना से ज्यादा बीत जाने के बाद भी अभी तक उन्हें कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्ति नहीं मिली है. जबकि छतरपुर अनुमंडल पदाधिकारी का स्थानांतरण होने के बाद 26 मार्च को छतरपुर के डीसीएलआर विजय केरकेट्टा को अनुमंडल पदाधिकारी का प्रभार दिया गया है. लेकिन उनके पास भी कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्ति नहीं है. इसे लेकर लोगों को काफी परेशानी हो रही है. कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्ति नहीं रहने के कारण इन दोनों अनुमंडल में एसडीओ के स्तर से 144, 145,146 व 107 दंड प्रक्रिया का उपयोग नहीं किया जा रहा है. इसके लिए डीसी ने 13 अप्रैल को कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग के सचिव को पत्र भी लिखा है. पत्र के माध्यम से कहा है कि स्थानीय व्यवस्था के तहत डीसीएलआर हुसैनाबाद गौरांग महतो व डीसीएलआर विजय केरकेट्टा को छतरपुर अनुमंडल पदाधिकारी का प्रभार दिया गया है. इन दोनों को अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में कर्तव्यों के निर्वहन के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 संशोधित भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 23 की धारा 163 तथा दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 20 संशोधित भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 14 के अंतर्गत कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्ति प्रदान करने की कृपा की जाये.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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