मेदिनीनगर ़ शहर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति टाउन हॉल में मंगलवार को पलामू प्रमंडल स्तरीय मुख्यमंत्री प्रोत्साहन पुरस्कार सह मुखिया सम्मेलन का आयोजन हुआ. इसका उद्घाटन ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मनिका विधायक रामचंद्र सिंह, पलामू डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, डीडीसी जावेद हुसैन, जिला परिषद के उपाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह, एसडीओ सुलोचना मीणा ने संयुक्त रूप से किया. मौके पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि गांवों के विकास में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है. राज्य की पौने तीन करोड़ की आबादी अभी भी गांव में रहती है. इस कारण त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में पंचायत के प्रतिनिधियों की जवाबदेह बनाने की जरूरत है. पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त करने का प्रयास किया जा रहा है. पहले पंचायतों की हालत अच्छी नहीं थी. लेकिन अब व्यवस्था में परिवर्तन दिखायी देने लगा है. मंत्री श्रीमती पांडेय ने कहा कि 15वें वित्त के राशि केंद्र सरकार के द्वारा रोककर रखा गया था. लेकिन राज्य सरकार के काफी मशक्कत के बाद केंद्र ने राशि उपलब्ध करायी है. इन राशि को पंचायतों को उपलब्ध करा दी गयी है. उन्होंने कहा पंचायत भवन में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रति माह पंचायतों को 15-15 हजार भी दिये जा रहे हैं. ताकि पंचायत भवनों में आने वाले लोगों को पानी, शौचालय, बिजली की व्यवस्था किया जा सके. विकास योजना में क्षेत्रीय असंतुलन से बढ़ेगा आक्रोश : वित्त मंत्री झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि लोकतंत्र के सबसे नीचले पायदान को मजबूत करने के लिए इस तरह का सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. विकास योजनाएं प्रखंड के आसपास के पंचायत तक सीमित रह जाती है. यह सही नहीं है. विकास योजना में क्षेत्रीय असंतुलन होने से लोगों का आक्रोश बढ़ेगा. यह उग्रवाद प्रभावित जिला है. आर्थिक रूप से कमजोर रहा है. यहां के लोगों की परचेजिंग कैपेसिटी काफी कम है. जबकि झारखंड के जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद व रांची में लोगों की परचेजिंग कैपेसिटी काफी ज्यादा है. जबकि पलामू कि पर कैपिटा इनकम प्रतिवर्ष 50 हजार है, जो काफी कम है. पंचायत में मुखिया को 2500 मानदेय मिलता है. जबकि पंचायत सचिव को 40 हजार. आर्थिक विषमता को ठीक करने की जरूरत है. पलामू प्रमंडल समस्या ग्रस्त है. इस कारण यहां पर जवाबदेही के साथ काम करने की जरूरत है. योजनाओं की राशि का सदुपयोग होना चाहिये. ताकि निचले स्तर के लोगों तक पहुंच सके. उन्होंने मइया समान योजना को महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल बताया. अब महिलाएं अपने परिवार की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति स्वयं करने में सक्षम हो रही हैं. पेसा कानून के क्रियान्वयन के लिए मंत्री श्रीमती पांडेय का आभार व्यक्त किया. मुखियाओं को डिजिटल माध्यमों के उपयोग के लिए प्रेरित करते हुए विभाग से उन्हें इस दिशा में सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया. पंचायत स्तर पर सभी सुविधाअों की जरूरत : रामचंद्र सिंह विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा कि पंचायत स्तर पर आम जनता को सारी सुविधाएं मिले. इसके लिए पहल करने की जरूरत है, ताकि पंचायत के लोगों को अपने काम के लिए प्रखंड व जिला का चक्कर काटना नहीं पड़े. पंचायती राज विभाग के निदेशक ने विभाग के राजेश्वरी भी ने उपलब्धियों को रखा. डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने कहा कि पंचायतें प्रशासन और आम जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं. ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. मुखियाओं से अपील किया कि वे पारदर्शिता, जवाबदेही व समर्पण के साथ कार्य करते हुए सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचायें. इस अवसर पर पलामू, गढ़वा और लातेहार के बेहतर कार्य करने वाले 30 मुखिया को प्रशस्त्रि पत्र देकर सम्मानित भी किया गया. मौके डीडीसी जावेद हुसैन, एसडीएम सुलोचना मीणा समेत पलामू, गढ़वा व लातेहार जिला के काफी संख्या में मुखिया मौजूद थे.
डिजिटल युग में मुखियाओं को सशक्त बनाने की जरूरत
डिजिटल युग में मुखियाओं को सशक्त बनाने की जरूरत
