टीबी लाइलाज बीमारी नहीं, जानलेवा साबित हो सकती है लापरवाहीः डॉ आजाद

टीबी लाइलाज बीमारी नहीं, जानलेवा साबित हो सकती है लापरवाहीः डॉ आजाद

प्रतिनिधि, पाटन

हिंडालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कठौतिया ओपन कास्ट कोल माइंस के सीएसआर ईकाई ने शनिवार को पाटन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाजरत 35 टीबी मरीजों के बीच पौष्टिक आहार किट का वितरण किया. पाटन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित समारोह में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अमित कुमार आजाद, कंपनी के वीटीओ ऑफिसर राकेश रंजन शुक्ला ने संयुक्त रूप से पौष्टिक आहार किट का वितरण किया. मौके पर प्रभारी डॉ आजाद ने कहा कि हिंडालको प्रबंधन अपने कार्यों के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी को निभाती है. यह सराहनीय कदम है. उन्होंने कहा कि टीबी लाइलाज बीमारी नहीं है, लेकिन लापरवाही जानलेवा साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि टीबी से बचने के लिए नियमित पौष्टिक आहार लेना व साफ सफाई बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा नि:शुल्क जांच व दवाइयों की सुविधा तो दी जाती है, लेकिन पौष्टिक आहार के लिए राशि नहीं दी जाती है. उन्होंने कहा कि जब भी किसी व्यक्ति में टीबी के लक्षण दिखे, उन्हें तत्काल स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की जरूरत है, ताकि समय पर पहचान हो सके और आपके आस-पास के लोग इससे बच सकें. वीटीओ ऑफिसर ने कहा कि कंपनी अपने कार्यों के अलावा सामाजिक उत्तरदायित्वों के प्रति हमेशा सजग व संवेदनशील होकर काम करतीं हैं. मौके पर बीपीएम शशिकांत कुमार, नेत्र पदाधिकारी चंदन कुमार, अनुप कुमार चौधरी, मनीष कुमार आदि मौजूद थे.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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