जवान संतन व सुनील का शव गांव पहुंचते ही मचा कोहराम

पुलिस व टीएसपीसी के साथ मुठभेड़ में पलामू के हैदरनगर थाना क्षेत्र के परता गांव के पुलिस जवान सुनील राम व बरेवा के संतन मेहता शहीद हो गये.

मेदिनीनगर. पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के केदल जंगल में पुलिस व टीएसपीसी के साथ मुठभेड़ में पलामू के हैदरनगर थाना क्षेत्र के परता गांव के पुलिस जवान सुनील राम व बरेवा के संतन मेहता शहीद हो गये. पुलिस लाइन में पुलिस के आलाधिकारियों द्वारा श्रद्धांजलि देने के बाद दोनों जवानों का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव भेजा गया. दोपहर करीब 3:30 बजे बरेवा गांव में शहीद जवान संतन मेहता का शव पहुंचते ही परिजनों का सब्र का बांध टूट गया और कोहराम मच गया. शव देखते ही इलाके के लोग गमगीन हो गये. जवान संतन मेहता बड़ा भाई थे. उनके छोटे भाई मंथन है. पिताजी का चार वर्ष पूर्व निधन हो गया है. पार्थिव शरीर पहुंचने के बाद लोगों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी. इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. गुरुवार की देर शाम में दाह संस्कार किया गया. आखिरी बार बुधवार की शाम पांच बजे बात हुई थी जवान संतन के भाई मंथन कुमार ने बताया कि बुधवार की शाम करीब पांच बजे मोबाइल पर बात हुई थी. समान खरीदारी करने के लिए मोबाइल पर ही फोन पे से पैसा भेजा गया था. यह उनसे आखिरी बात हुई. रात्रि करीब ढाई बजे भइया का दोस्त श्रवण यादव ने सूचना दी की उन्हें काफी तबियत खराब है. ट्रेन से रात्रि में आने की तैयारी कर रहा था. फिर उन्होंने कहा कि जवान संतन के पत्नी को भी लेकर पहुंचिये. गुरुवार की सुबह मेदिनीनगर पहुंचने के बाद घटना के बारे में बताया गया.मंथन ने बताया कि 22 अगस्त नागपंचमी के दिन वह गांव आये थे. इसके बाद वह ड्यूटी पर चले गये थे. टीओपी टू में टाइगर जवान के रूप में पदस्थापित था संतन शहीद जवान संतन मेहता टीओपी टू में पदस्थापित था. मनातू के केदल जंगल में मुठभेड़ में शहीद हो गये. यह परिवार के लिए बहुत बड़ी क्षति है. घर का कमाऊ सदस्य थे. उनकी दो बच्ची है. जिसमें पूजा पांच वर्ष व राशि ढाई वर्ष की है. घटना के बाद से संतन की पत्नी की हालत काफी खराब है. जवान सुनील का शव पहुंचते ही इलाके के रो पड़ा परता गांव हैदरनगर परता थाना क्षेत्र के परता गांव के जवान सुनील राम का शव शाम करीब चार बजे पहुंचा. इलाके के लोग शव देखते ही रो पड़े. सुनील राम गरीब परिवार से आते है. वह दो भाई है. बड़ा भाई अनिल राम पिता और मां हरियाणा में रहकर कंपनी में काम करते हैं. घर में सिर्फ पत्नी है.जवान सुनील राम के चचेरे भाई अरविंद कुमार हजारीबाग में मेजर के पद पर है. अरविंद कुमार ने बताया कि सुबह में घटना की जानकारी मिली. मेदिनीनगर पहुंचने के बाद पार्थिव शरीर को रिसीव किया.परिवार के सदस्य नहीं रहने के कारण दाह संस्कार शुक्रवार को किया जायेगा. बड़े भाई अनिल राम व उनके पिता व मां को सूचना दिया गया है. सभी लोग वापस गांव पहुंच रहे है.जवान सुनील राम का दो लड़का है, जिसमें बड़ा बच्चा सात साल का है, जबकि दूसरा बच्चा पांच वर्ष का है. दोनों बच्चे मेदिनीनगर में रहकर पढ़ाई करते थे. शहीद जवान संतन मेहता 2012 में पुलिस में बहाल हुए थे. जबकि सुनील राम 2011 में बहाल हुए थे. संतन मेहता के शरीर में आधा दर्जन से ज्यादा गोली लगी है. जवान सुनील राम पलामू एएसपी के अंगरक्षक थे. उनके सिर व शरीर में करीब आधा दर्जन गोली लगी है. मजिस्ट्रेट व डॉक्टर की उपस्थिति में कराया गया पोस्टमार्टम शहीद हुए दोनों जवान संतन व सुनील का एमएमसीएच में पोस्टमार्टम कराया गया. पोस्टमार्टम के समय सदर सीओ अमरदीप मल्होत्रा मजिस्ट्रेट के रूप में मौजूद थे. पूरे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराया गया है. पोस्टमार्टम तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम ने की है. जिसमें डॉ संजीत कुमार, डॉ विजय सिंह व डॉ आरके रंजन शामिल थे. पुलिस के वरीय अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि, बंधाया ढाढस शहीद होने की सूचना पर सीआरपीएफ के आईजी साकेत कुमार सिंह, आईजी ऑपरेशन डा माइकल राज एस, आईजी एसटीएफ अनूप बिरथरे व एसपी आपरेशन अमित रेनू रांची से पलामू पहुंचकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी. पलामू जोन के आईजी सुनील भास्कर, डीआईजी नौशाद आलम, सीआरपीएफ के डीआईजी पंकज कुमार, डीसी समीरा एस, एसपी रीषमा रमेशन, एएसपी अभियान राकेश कुमार सिंह सहित कई अधिकारियों ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी व ढाढस बंधाया. घटना दुखद है, नक्सलियों पर कठोर कार्रवाई हो ः विधायक मुठभेड़ में शहीद हुये संतन मेहता व सुनील राम को डालटनगंज के विधायक आलोक चौरसिया ने श्रद्धांजलि दी.कहा कि पलामू के लिए यह बहुत दुखद घटना है. पुलिस के जवान ने नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए शहीद हो गये. नक्सली घटना में जो भी नक्सली शामिल हैं. उन पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिये. मेरे तरफ से फूल फ्रीडम है : आइजी सीआरपीएफ सीआरपीएफ के आइजी साकेत कुमार सिंह ने कहा कि मेरे तरफ से फूल फ्रीडम है. यदि सीआरपीएफ के डीआईजी या पलामू प्रमंडल के डीआईजी को सीआरपीएफ की जरूरत है. तो वे मांग सकते हैं.

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By Anuj singh

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