पलामू के लोग सावधान! साइबर ठगों ने डीसी साहब का बनाया फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल

Palamu Cyber Fraud: पलामू में साइबर ठगों ने डीसी के नाम से फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाकर लोगों को निशाना बनाना शुरू किया है. प्रशासन ने अलर्ट जारी कर नागरिकों से सावधान रहने, किसी भी संदिग्ध मैसेज पर भरोसा न करने और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचने की अपील की है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट

Palamu Cyber Fraud: झारखंड के पलामू जिले में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर नई चाल चली है. इस बार ठगों ने जिला उपायुक्त (डीसी) दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के नाम से फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाकर लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. इस घटना के सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है.

फर्जी प्रोफाइल से भेजे जा रहे हैं मैसेज

जानकारी के अनुसार, अज्ञात साइबर ठग डीसी के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर व्हाट्सएप पर फर्जी अकाउंट बना चुके हैं. इस प्रोफाइल के जरिए सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को मैसेज भेजे जा रहे हैं. इन संदेशों में कभी जरूरी काम का हवाला दिया जाता है तो कभी व्यक्तिगत मदद के नाम पर जानकारी मांगी जाती है.

प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

पलामू जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रोफाइल पूरी तरह से फर्जी है और इसका उपायुक्त कार्यालय से कोई संबंध नहीं है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आए संदेश, खासकर यदि वह किसी बड़े अधिकारी के नाम पर हो, तो उस पर तुरंत भरोसा न करें. पहले उसकी पुष्टि संबंधित कार्यालय से जरूर करें.

निजी और आर्थिक जानकारी साझा करने से बचें

प्रशासन ने खासतौर पर चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक डिटेल, ओटीपी या किसी भी तरह की गोपनीय सूचना साझा न करें. साइबर ठग अक्सर भावनात्मक या दबाव बनाकर लोगों से जानकारी निकालने की कोशिश करते हैं, जिससे आर्थिक नुकसान हो सकता है.

इसे भी पढ़ें: झारखंड में जल्द लागू होगी नई हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम, लाखों सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

संदिग्ध गतिविधि की तुरंत करें शिकायत

यदि किसी को इस तरह का संदिग्ध मैसेज प्राप्त होता है, तो उसकी जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल को दें. साथ ही संबंधित नंबर को ब्लॉक कर दें और किसी भी लिंक या फाइल को क्लिक करने से बचें. जागरूकता और सतर्कता ही ऐसे साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है.

इसे भी पढ़ें: दहक रहा गढ़वा का सदर अस्पताल, एसी-पंखे खराब और गत्ते से गर्मी को भगा रहे मरीजों के परिजन

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >