झारखंड: पलामू के सरईडीह जंगल में गोली लगने से हिरण की मौत, शिकारियों की तलाश में जुटा वन विभाग

जानकारी के अनुसार अज्ञात लोगों ने जब हिरण को गोली मारी, तो फायरिंग की आवाज सुनकर पास में मौजूद चरवाहा महेश भुइयां मौके पर पहुंचा. उसने देखा कि जमीन पर पड़ा हिरण तड़प रहा था. उसने तत्काल वन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष सुरेश यादव को सूचित कर मौके पर बुलाया.

मेदिनीनगर. पलामू जिले के तरहसी प्रखंड के सरईडीह जंगल के झरना छठ घाट पर पानी की तलाश में भटक कर पहुंचे हिरण को अज्ञात लोगों ने गोली मार दी. वन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष सुरेश यादव और चरवाहा महेश भुइयां से मिली सूचना के आधार पर वनकर्मी मौके पर पहुंचे और हिरण का इलाज शुरू किया, लेकिन हिरण की मौत हो गयी. रविवार को हिरण के शव का पोस्टमार्टम मनातू में कराया गया, जिसके बाद उसे दफना दिया गया. वनकर्मियों के अनुसार, हिरण नर था और उसकी उम्र करीब तीन वर्ष थी.

जानकारी के अनुसार अज्ञात लोगों ने जब हिरण को गोली मारी, तो फायरिंग की आवाज सुनकर पास में मौजूद चरवाहा महेश भुइयां मौके पर पहुंचा. उसने देखा कि जमीन पर पड़ा हिरण तड़प रहा था. उसने तत्काल वन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष सुरेश यादव को सूचित कर मौके पर बुलाया. इसके बाद दोनों हिरण को उठाकर घर ले आये. साथ ही वन विभाग को घटना की सूचना दी.

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मनातू वन क्षेत्र के वनपाल राकेश पांडेय ने बताया कि हिरण के घायल होने की सूचना पाकर वन विभाग के कर्मी मौके पर पहुंचे थे. उन्होंने अपने स्तर से घायल हिरण इलाज शुरू कराया, लेकिन करीब एक घंटे के बाद उसकी मौत हो गयी. श्री पांडेय ने बताया कि हिरण का शिकार करनेवाले लोगों की पहचान की जा रही है. उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने बताया कि हिरण के शरीर के पिछले हिस्से में दो गोलियां लगने के निशान मिले हैं. हिरण को दफनाये जाने के दौरान वनपाल जयप्रकाश रंजन, वनरक्षी अभय कुमार व देवशरण महतो मौजूद थे.

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