शिकारपुर के बीहड़ में चट्टानों के बीच फंसा मिला क्षत-विक्षत शव, इलाके में सनसनी

Palamu News: पलामू के हरिहरगंज थाना क्षेत्र स्थित शिकारपुर जंगल में चट्टानों के बीच एक अज्ञात व्यक्ति का सड़ा-गला शव मिला है. शव 10 से 15 दिन पुराना बताया जा रहा है. पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है तथा पहचान के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

हरिहरगंज से कृष्णा गुप्ता की रिपोर्ट

Palamu News: झारखंड के पलामू जिले के हरिहरगंज थाना क्षेत्र के शिकारपुर गांव स्थित सुदूर जंगली इलाके में मंगलवार को एक अज्ञात व्यक्ति का सड़ा-गला शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गयी. शव गोरेया घाट जंगल स्थित डिहरा पहाड़ के नीचे गुफानुमा चट्टानों के बीच बेहद खराब स्थिति में पाया गया. शव के क्षत-विक्षत होने के कारण फिलहाल उसकी पहचान नहीं हो सकी है. मृतक ने शरीर पर काला शर्ट और जींस पैंट पहन रखा है. जंगली जानवरों द्वारा शव को नुकसान पहुंचाये जाने की भी आशंका जताई जा रही है. शिनाख्त के लिए पुलिस ने सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए छानबीन तेज कर दी है.

लकड़ी चुनने के लिए जंगल गये ग्रामीणों ने देखा शव

मंगलवार की सुबह शिकारपुर गांव के कुछ ग्रामीण लकड़ी चुनने के लिए जंगल की ओर गये थे. गांव से करीब पांच किलोमीटर दक्षिण जंगल के भीतर चट्टानों के पास से असहनीय दुर्गंध आने पर जब ग्रामीण करीब पहुंचे, तो वहां एक व्यक्ति का शव पड़ा देख उनके होश उड़ गये. इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना हरिहरगंज पुलिस को दी.

10 से 15 दिन पुराना है शव

सूचना मिलते ही एसआई राकेश कुमार सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद चट्टानों के बीच फंसे शव को बाहर निकाला. पुलिस के अनुसार, शव काफी हद तक गल चुका है, जिससे प्रतीत होता है कि मौत करीब 10 से 15 दिन पहले हुई होगी.

शिनाख्त और जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना करने के बाद शव को अपने कब्जे में ले लिया है. कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीनगर स्थित एमएमसीएच भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों बिंदुओं को ध्यान में रखकर मामले की तफ्तीश कर रही है.

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क्या कहती है पुलिस

एसआई राकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है. आसपास के थानों को मृतक के कपड़ों और कद-काठी का हुलिया भेज दिया गया है ताकि गुमशुदगी की रिपोर्ट से मिलान किया जा सके.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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