पलामू में तेज तूफान व बारिश 20 घंटे बाद ग्रामीण इलाकों में बिजली बहाल, कई प्रखंडों में ब्लैक आउट

पलामू में तेज तूफान व बारिश 20 घंटे बाद ग्रामीण इलाकों में बिजली बहाल, कई प्रखंडों में ब्लैक आउट

प्रतिनिधि, मेदिनीनगर पलामू जिला इस बार चक्रवाती तूफान और तेज बारिश की चपेट में आ गया. बुधवार की शाम से शुरू हुई आंधी-तूफान ने जिले के लगभग सभी प्रखंडों को प्रभावित किया. दर्जनों पेड़ और बिजली पोल गिरने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गयी. विद्युत सब-स्टेशनों में तकनीकी खराबी और ग्रिड फेल होने से बहाली में लंबा समय लग रहा है. बिजली गुल होने से जलापूर्ति योजनाएं भी ठप हो गयीं और लोग पानी के लिए कुओं व चापाकलों पर भीड़ लगाए रहे. मोबाइल टावरों को बैकअप न मिलने से संचार व्यवस्था भी ध्वस्त हो गयी. इस आपदा ने ग्रामीणों को प्रशासन के प्रति आक्रोशित कर दिया है.

हुसैनाबाद और हैदरनगर : तार टूटने और खंभे उखड़ने से इलाका अंधेरे में डूबा

हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र में बिजली के तार टूटने और खंभे उखड़ने से पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया. सोन नदी किनारे के गांवों में तेज हवाओं से भारी नुकसान हुआ. सोननगर से पचंबा ग्रिड को बिजली नहीं मिलने के कारण संकट और गहरा गया. मोहम्मदगंज में करीब 20 घंटे तक बिजली बाधित रही, जो गुरुवार दोपहर बहाल हो सकी. हुसैनाबाद में 21 घंटे बाद बिजली आयी, लेकिन शहरी इलाकों में अब भी आपूर्ति बाधित है. जपला स्टेशन रोड पर पेड़ गिरने से आवागमन दो घंटे तक रुका रहा.

पाटन : दोपहर करीब 2:30 बजे बिजली बहाल हुई

पाटन प्रखंड में बुधवार देर शाम से बिजली ठप रही. तेज तूफान के कारण कई पेड़ गिर गए और तार टूट गए. पत्थलमार गांव में बिजली पोल गिरने से पूरे प्रखंड में ब्लैकआउट हो गया. गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे बिजली बहाल हुई.

हरिहरगंज और छतरपुर : सबसे अधिक प्रभावित रहा

बिहार सीमा से सटे इन प्रखंडों में तूफान का सबसे उग्र रूप देखा गया. दर्जनों कच्चे मकानों और दुकानों की छतें हवा में उड़ गईं. खेतों में लगी सब्जियां-ककड़ी, खीरा, टमाटर-पूरी तरह बर्बाद हो गयीं. बगीचों में कच्चे आम भारी मात्रा में टूटकर गिर गये. किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया और अब वे आर्थिक संकट में हैं. कई जगहों पर पेड़ और बिजली पोल गिरने से रातभर अंधेरा रहा. मेदिनीनगर-छतरपुर 33 हजार मेन लाइन पर पेड़ गिरने से 12 घंटे तक बिजली बाधित रही. गुरुवार सुबह शहरी क्षेत्र में बिजली बहाल हुई, लेकिन हरिहरगंज में 21 घंटे बाद भी आपूर्ति नहीं हो सकी.

नावाबाजार और पांडू : 24 घंटे बाद भी बिजली नहीं

नावाबाजार के कंडा पीपरा स्थित प्राथमिक विद्यालय की छत पर लगे सोलर प्लेट और कनेक्शन क्षतिग्रस्त हो गए. 24 घंटे बाद भी बिजली बहाल नहीं हो सकी. स्कूल की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप है. पांडू में भी कई विशाल पेड़ गिरने से ग्रामीणों को परेशानी हुई.

पांकी, विश्रामपुर और तरहसी : दर्जनों पेड़ गिरने से संपर्क मार्ग अवरुद्ध

पांकी और तरहसी के सुदूर गांवों में दर्जनों पेड़ गिरने से संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गये. तरहसी में बिजली आपूर्ति बाधित नहीं रही, लेकिन विश्रामपुर में कई घरों की छतें उड़ गईं और बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो गये. शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहर तक बिजली बाधित रही, जो करीब दो बजे बहाल हो सकी.

नौडीहा बाजार : जनजीवन अस्त-व्यस्त

नौडीहा बाजार में 22 घंटे बाद भी बिजली बहाल नहीं हुई. लोग मोबाइल चार्ज करने के लिए जेनरेटर का सहारा ले रहे हैं. जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.

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Author: Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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