मेदिनीनगर. सीबीएसइ कलासेतु एक अनिवार्य आर्ट इंटीग्रेटेड लर्निंग प्रोजेक्ट है. जो नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत विविधता पूर्ण संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लाया गया है. जिसका उद्देश्य शिक्षा को मनोरंजक बनाना व कला के माध्यम से कठिन विषयों को समझाना है. भारत सरकार के इस प्रोजेक्ट के तहत बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल डालटनगंज के बच्चों ने तेलंगाना व झारखंड की कला व संस्कृति को बखूबी प्रदर्शित किया है. बच्चों की इन कलाकृतियों को सीबीएसइ कलासेतु के पोर्टल में अपलोड किया गया. विद्यालय की डायरेक्टर डॉ नेहा अग्रवाल ने कहा कि सीबीएसइ के यह प्रोजेक्ट नयी शिक्षा नीति का एक अहम कदम है. कहा कि कला भारत के हृदय को जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण धागे के रूप में कार्य करती है. जो विविध सांस्कृतिक,भावनात्मक व सामाजिक परिदृश्यों को भी आपस में जोड़ती है. प्राचार्या रेबेका बर्मन ने कहा कि ऐसी परियोजनाओं में भाग लेकर बच्चों में अपने देश की विविध संस्कृतियों को जानने का मौका मिलता है. उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है. उपप्राचार्या अनुपमा तिवारी ने भारत सरकार व सीबीएसइ के इस प्रोजेक्ट को बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक बड़ा अवसर बताया. अपने विद्यालय के बच्चों को इस प्रोजेक्ट से जुड़कर अपनी हुनर दिखाने के लिए बधाई दी. विद्यालय के शिक्षक लगातार बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए मेहनत कर रहे हैं. ताकि बिरला के बच्चे बड़े होकर देश का एक सुयोग्य नागरिक बन सकें.
सीबीएसइ क्लासेतु आर्ट प्रोजेक्ट के तहत बिरला ओपन के बच्चों ने दिखायी प्रतिभा
सीबीएसइ क्लासेतु आर्ट प्रोजेक्ट के तहत बिरला ओपन के बच्चों ने दिखायी प्रतिभा
