6000 टीसीबी केजगह पर 1500 टीसीबी का निर्माण कार्य पूरा
मेदिनीनगर : वर्षा जल का उपयोग कर खेतों में नमी को बनायें रखें, तो सभी को लाभ होगा. वर्षा जल संग्रहण और संचयन के लिए पलामू के 6000 जगहों पर टीसीबी का निर्माण शुरू किया गया है, इसमें 1500 से अधिक टीसीबी का निर्माण कार्य पूर्ण हो गये हैं. पलामू के उपायुक्त डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि ने गुरुवार को नगर स्मृति भवन में जल शक्ति अभियान के तहत आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे. कार्यशाला का आयोजन ग्रामीण विकास विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से किया गया है.
कार्यशाला में उपायुक्त ने कहा कि पलामू में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए योजनाएं बनायी गयी है. पलामू की भौगोलिक स्थिति अलग है. वर्षा जल का संचयन नहीं होने से बारिश के पानी का फायदा लोग नहीं उठा पाते हैं. क्योंकि बारिश का पानी बह कर निकल जाता है. क्षणिक लाभ के लिए हम पानी से वंचित हो रहे हैं. वर्षा जल के एक-एक बूंद का संचयन जरूरी है. उन्होंने कहा कि पलामू में जल शक्ति अभियान के तहत 60 से ज्यादा तालाब का निर्माण कार्य शुरू किया गया है.
डीसी डॉ अग्रहरि ने कहा कि सुखाड़ क्षेत्र घो षित करना विकल्प नहीं है, सभी को स्वावलंबी बनाने के लिए प्रशासन कार्य कर रही है. पानी बचाने के अभियान में खुद भागीदार बनना होगा. सभी के सहयोग से पानी की समस्या से निजात मिलेगी. वेस्टेज पानी का भी उपयोग कृषि-बागवानी आदि कार्यों में किया जा सकता है.
मौके पर डीडीसी बिंदु माधव प्रसाद सिंह ने कहा कि आधी आबादी जल संकट से घिरी है. जल संरक्षण के लिए ऐसी व्यवस्था करनी है कि धरती के भीतर जल को प्रवेश हो नगर आयुक्त दिनेश प्रसाद ने कहा कि हमसबों को जल संचयन करना होगा. मौके पर डिप्टी मेयर राकेश सिंह , एसडीओ सुरजीत सिंह, पेयजल व स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता अजय कुमार सिंह नाबार्ड के डीडीएम, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ प्रमोद कुमार सहित जलछाजन कार्यक्रम में शामिल पीआइए सदस्यों ने संबोधित किया. मंच संचालन जिला जनसंपर्क पदाधिकारी देवेंद्र नाथ भादुड़ी ने किया.
