प्यार ही प्यार का परवान चढ़ाया जाये अब गये वक्त के हर गम को भुलाया जाये...

मेदिनीनगर : शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के शहादत दिवस पर जिला स्कूल के मैदान में आयोजित दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न हुआ. समारोह के समापन के अवसर पर देश के मशहूर सूफी गायक मीर मुख्तियार अली ने सूफी गीत को प्रस्तुत कर समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा व एकता का संदेश फैलाया. सूफी […]

मेदिनीनगर : शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के शहादत दिवस पर जिला स्कूल के मैदान में आयोजित दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न हुआ. समारोह के समापन के अवसर पर देश के मशहूर सूफी गायक मीर मुख्तियार अली ने सूफी गीत को प्रस्तुत कर समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा व एकता का संदेश फैलाया. सूफी गायक मीर मुख्तियार अली ने हरि ओम हरि मौला भजन के साथ अपने कार्यक्रम का आगाज किया.

इसके बाद उन्होंने संत कबीर दास के भजन, कवि अमीर खुसरो की कविता, बुल्ले शाह के कलाम के अलावा कई अमन व मुहब्बत के संदेश से परिपूर्ण गीत प्रस्तुत कर लोगों को भाव विभोर कर दिया. कार्यक्रम के दौरान गायक मीर मुख्तियार अली ने संत कबीर दास के सारगर्भित भजन राम नाम रस भीनी चदरिया, झीनी रे झीनी अमीर खुसरो की रचना छाप तिलक सब छीनी रे, मोसे नैना मिलाइके प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया.
वहीं प्रेम व भाईचारा पर आधारित गीत प्यार ही प्यार को परवान चढ़ाया जाये, अब गये वक्त के हर गम को भुलाया जाये की प्रस्तुती कर लोगों को इंसानियत की राह पर चलते हुए आपसी सौहार्द व एकता को बनाये रखने का संदेश दिया. उन्होंने दमादम मस्त कलंदर,काहे को व्याही विदेश अरे लखिया बाबुल मोरा,मेरा पिया घर आया ओ लालनी, केसरिया बालम पधारो म्हारे देश राजस्थानी जैसे गीत प्रस्तुत कर लोगों को झुमने पर विवश कर दिया.
वाद्य यंत्रों पर राकेश कुमार, उस्ताद गुलाम हुसैन, विपिन कुमार, फकरूद्दीन, वकार उनस संगत कर रहे थे. इससे पहले इप्टा व डालटनगंज क्वायर की कलाकारों ने शहीदों ले लो मेरा सलाम जनवादी गीत प्रस्तुत किया. जबकि गायिका निधि पांडेय ने ‘देशवा में बढल अत्याचार ए भइया, कैसे बची देशवा हमार ए भइया भोजपुरी गीत प्रस्तुत कर लोगों के बीच सवाल खड़ा किया.
कार्यक्रम को सफल बनाने में शहादत समारोह समिति के अध्यक्ष डॉ अरुण शुक्ला, शैलेन्द्र कुमार, पंकज श्रीवास्तव, शैलेंद्र अग्रवाल, प्रभात अग्रवाल, उपेंद्र मिश्रा, सुरेश सिंह, शिवशंकर प्रसाद, प्रेम प्रकाश भसीन, विनीत कुमार ,रवि शंकर, राजीव रंजन , राजन सिन्हा, मुकेश कुमार,शशि पांडेय, अजीत कुमार, ललन कुमार, समरेश सिंह, दिनेश कुमार शर्मा, नुदरत नवाज, अब्दुल हमीद, शीला श्रीवास्तव, वंदना श्रीवास्तव आदि सक्रिय थे.
भावना जागृत करता है संगीत : डॉ अरुण शुक्ला
शहादत समारोह समिति के अध्यक्ष डॉ अरुण शुक्ला ने प्रसिद्ध सूफी गायक मीर मुख्तियार अली को माला पहनाकर स्वागत किया और उन्हें प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया. डॉ शुक्ला ने कहा कि संगीत आत्मा को आनंद विभोर कर देती है. साथ ही मनुष्य के मनुष्यत्व को जागृत कर दानवी प्रवृत्ति को समाप्त करती है. इस तरह के सूफी संतों के भजन व गीत से समाज में बेहतर वातावरण तैयार करने में मदद मिलती है. समाज में प्रेम, भाईचारा व आपसी एकता का संदेश इस तरह के भजन व गीत से मिलता है.
उन्होंने शहादत दिवस समारोह की सफलता में सक्रिय भूमिका निभाने वाले लोगों को हार्दिक बधाई दी. सवेरा नाटक कला विकास मंच के द्वारा अतिथि कलाकारों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया. इसमें मंच के निदेशक अब्दुल हमीद, जावेद टुकटुक घोष, रिंकी सिंह, आसना भंगरा, तनवीर आदि शामिल थे. समिति ने कराटे कलाकारों को प्रशस्ति पत्र देकर उत्साहवर्द्धन किया.

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