मेदिनीनगर : लोकसभा चुनाव 2019 की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गयी है. इधर पलामू के उपायुक्त डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि के निर्देश के आलोक में सदर मेदिनीनगर अनुमंडल क्षेत्र में एसडीओ ने निषेधाज्ञा लागू कर दिया है. सदर एसडीओ नंदकिशोर गुप्ता ने इस संबंध में बताया कि दस मार्च से मतगणना समाप्ति तक सदर अनुमंडल क्षेत्र में धारा 144 लागू रहेगी. अनुमंडल क्षेत्र में चुनाव के दौरान विधि- व्यवस्था संधारण एवं शांति व्यवस्था कायम रखने के उदेश्य से निषेधाज्ञा लागू किया गया है.
सदर अनुमंडल क्षेत्र में धारा 144 लागू
मेदिनीनगर : लोकसभा चुनाव 2019 की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गयी है. इधर पलामू के उपायुक्त डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि के निर्देश के आलोक में सदर मेदिनीनगर अनुमंडल क्षेत्र में एसडीओ ने निषेधाज्ञा लागू कर दिया है. सदर एसडीओ नंदकिशोर गुप्ता ने इस संबंध में बताया कि दस मार्च से […]

एसडीओ ने आदेश जारी करते हुए कहा कि निषेधाज्ञा लागू होने के बाद सदर अनुमंडल क्षेत्र में किसी प्रकार के घातक हथियार, आग्नेशास्त्र या विस्फोटक पदार्थ लाने एवं ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है.यह निषेधाज्ञा सरकारी पदाधिकारी, कर्मचारी, पुलिस कर्मियों पर लागू नहीं होगा.सरकारी व अर्द्ध सरकारी परिसर में आमसभा करने पर भी रोक रहेगी. एसडीओ श्री गुप्ता ने बताया कि निषेधाज्ञा के दौरान अनुमंडल क्षेत्र में जुलूस निकालने पर भी रोक लगा दी गयी है. शव यात्रा, शादी विवाह, मांगलिक कार्य में यह निषेधाज्ञा लागू नहीं होगा.
लेकिन इसके लिए अनुमति लेना आवश्यक है. अनुमंडल क्षेत्र के सरकारी, अर्द्धसरकारी,कॉलेज, हाई स्कूल, प्राथमिक विद्यालय, बुनियादी विद्यालय या सरकारी जमीन पर आमसभा करने पर रोक लगा दी गयी है. आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी दल, अभ्यर्थी या उनके सहयोगी के द्वारा ध्वनि विस्तार यंत्र का इस्तेमाल करने के लिए अनुमति आवश्यक है. सुबह छह बजे से रात दस बजे तक ही ध्वनि विस्तारक यंत्र का इस्तेमाल किया जा सकता है. मंदिर, मसजिद, गुरुद्वारा या धार्मिक स्थल पर ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाने की रोक नहीं है.
धार्मिक स्थल, सार्वजनिक सरकारी भवन या किसी व्यक्तिगत भवन या चहारदीवारी पर चुनावी पोस्टर, पंपलेट, झंडा, बैनर, होर्डिंग लगाना या नारा लिखने पर प्रतिबंध लगाया गया है. कोई भी प्रत्याशी कोई ऐसा कार्य नहीं करेंगे, जिससे किसी धर्म, जाति या संप्रदाय के लोगों की भावना को ठेस पहुंचे. धार्मिक स्थल का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जायेगा.