मेदिनीनगर : वैसे असामाजिक तत्व या अपराधी जो यह समझते कि किसी दूसरे राज्यों में कांड को अंजाम देने के बाद यदि दूसरे राज्य में पनाह ले लेते है तो वह सुरक्षित है तो ऐसी सोच रखने वाले असामाजिक तत्व व अपराधी भी मुश्किल में पड़ जायेंगे. क्योंकि चुनाव के पहले ऐसे लोगों पर प्रशासन की पैनी नजर है.
पड़ोसी राज्य से जो जिले सटे हुए है उसके अधिकारी एक दूसरे के संपर्क में रहेंगे. न सिर्फ अधिकारी स्तर पर बल्कि अब थाना लेबल तक इस समन्वय को बनाते हुए काम किया जायेगा. यह निर्णय शुक्रवार को मेदिनीनगर में संपन्न इंटर स्टेट की बैठक में लिया गया.
बैठक की अध्यक्षता पलामू के प्रमंडलीय आयुक्त मनोज कुमार झा ने की. यह बैठक आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आहूत की गयी थी. इसमें झारखंड के साथ-साथ बिहार, उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अफसरों ने भाग लिया. बैठक में लोकसभा चुनाव को लेकर आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देश की भी चर्चा की गयी. इस बात पर जोर दिया गया कि आपसी समन्वय बनाकर काम किया जायेगा. सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जायेगा ताकि किसी भी प्रकार का व्यवधान चुनाव के दौरान नहीं आये.
नक्सल से लेकर अपराधियों तक की गतिविधियों पर नजर रखते हुए वैसे लोगों की सूची तैयार की गयी है जिनसे शांतिपूर्ण चुनाव पर असर पड़ सकता है, वैसे लोगों के बारे में सूचना एकत्र की जा रही है.
इसका उद्देश्य शांतिपूर्ण व निष्पक्ष चुनाव कराना है. इसलिए सभी अधिकारियों को सक्रियता के साथ काम करने को कहा गया. एक दूसरे की मदद व समन्वय का कार्य कैसे होगा इस पर विस्तार से चर्चा की गयी. कहा गया कि देखा जाता है कि जब एक दूसरे राज्यों की सीमा सटे होने के कारण अपराधी, नक्सली एक राज्य में घटना को अंजाम देने के बाद दूसरे राज्यों में प्रवेश कर जाते है तब कार्रवाई को लेकर मुश्किलें भी आती हैं, इसे दूर किया जायेगा.
इसलिए यह प्रयास किया जा रहा है कि हर स्तर के अफसर एक दूसरे के संपर्क में रहें, ताकि सूचनातंत्र मजबूत रहे और समन्वय के साथ काम हो. बैठक में पलामू प्रक्षेत्र के डीआइजी विपुल कुमार शुक्ला, पलामू के पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत माहथा, गढ़वा एसपी शिवानी तिवारी, रोहतास के उपायुक्त, इमामगंज के एसडीपीओ, सोनभद्र के डीएसपी,गढ़वा के डीडीसी सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे.
