मेदिनीनगर : पलामू चेंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आनंद शंकर ने एक बार फिर मुख्यमंत्री रघुवर दास का ध्यान पलामू के लिए जटिल हो चुके खास महाल भूमि की ओर आकृष्ट कराया है. कहा है कि राज्य में पहली बार श्री दास के नेतृत्व में स्थायी सरकार बनी है.
सरकार ने जिस तरह से राज्य हित में बड़े व कड़े निर्णय लिये हैं, उससे पलामूवासियों के मन में उम्मीद जगाना स्वाभाविक है. लोगों की यह अपेक्षा है कि खास महाल भूमि को फ्री होल्ड कर रघुवर सरकार जनता को राहत देंगे. क्योंकि सरकार के इस कदम से न सिर्फ आमजनों को राहत मिलेगी, बल्कि पलामू में विपक्ष भी मुद्दा विहीन हो जायेगा.
सीएम श्री दास को लिखे गये पत्र में श्री शंकर ने भरोसा जताया है कि मुख्यमंत्री रघुवर दास मेदिनीनगर के लीजधारियों को राहत देंगे और खास महल के भूमि को फ्री होल्ड करने की ऐतिहासिक निर्णय लेंगे.
सीएम को लिखे गये पत्र में चेंबर अध्यक्ष श्री शंकर ने कहा है कि राज्य गठन के के बाद पहली बार राज्यवासियों को इस बात का एहसास हुआ है कि सरकार के इच्छा शक्ति से बहुत कुछ बदला जा सकता है. आपके (रघुवर दास) नेतृत्व में बहुत कुछ बदला जा सकता है.
सरकार ने कई बड़े व कड़े निर्णय लिये है. इससे यह बात पूरी तरह से स्थापित हो चुका है कि राज्य हित में सरकार बड़े व कड़े निर्णय लेने से नहीं हिचकती. ऐसे में देश के 115 पिछड़े जिले में शामिल पलामूवासियों की आपसे अपेक्षा होना स्वाभाविक है. वैसे भी आप शुरू से पलामू के प्रति स्नेह रखते है और पलामू की नकारात्मक छवि बदले और यहां विकास का मार्ग प्रशस्त हो, इसके लिए काम करते हैं. केंद्र सरकार का भी यही प्रयास है.
तभी तो जब पिछड़े जिले को लेकर रांची में आहूत बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी जब रांची आये थे, तब उन्होंने बैठक में पूछा था कि पलामू इतना पिछड़ा क्यों है? जाहिर है केंद्र व राज्य दोनों सरकार पलामू को बदलना चाहते है. ऐसे में यह आवश्यक है कि खासमहाल भूमि को फ्री होल्ड किया जाये.
क्या हो रही है परेशानी
पलामू के मुख्यालय में 622 एकड़ खास महाल की भूमि है. लीज नहीं होने के कारण लोगों का नक्शा पास नहीं हो पा रहा है और नक्शा पास कराये बिना कोई नया भवन न बने यह आदेश सरकार के स्तर से आया है.
ऐसे में विकास ठप हो गया है और जब मुख्यालय में ही विकास अवरुद्ध रहेगा, तो जिला का विकास कैसे होगा. यह एक बड़ा मामला है. चेंबर अध्यक्ष श्री शंकर ने उम्मीद जतायी है कि निश्चित तौर पर सरकार के स्तर से इस मामले में बड़े निर्णय लिये जायेंगे. इसलिए इस मामले में सीएम का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए उन्होंने पत्र लिखा है.
