कोर्ट प्रतिनिधि, पाकुड़ कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक के नेतृत्व में पारिवारिक मतभेदों को आपसी सहमति से सुलझाया गया. मूल भरण-पोषण वाद संख्या 32/2026 में दंपतियों ने मध्यस्थता के दौरान पुराने विवाद भुलाकर फिर से साथ रहने का निर्णय लिया. प्रधान न्यायाधीश ने आपसी समझ, सहयोग और संवाद के माध्यम से खुशहाल पारिवारिक जीवन बिताने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि परिवार में छोटे-मोटे विवादों को बातचीत और समझदारी से निपटाना चाहिए, ताकि मधुरता बनी रहे. इस कार्यक्रम में अधिवक्ता मो सलीम और दंपति के परिजन भी उपस्थित थे.
कुटुंब न्यायालय ने विवादों को संवाद से सुलझाया
कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक के नेतृत्व में पारिवारिक मतभेदों को आपसी सहमति से सुलझाया गया। मूल भरण-पोषण वाद संख्या 32/2026 में दंपतियों ने मध्यस्थता के दौरान पुराने विवाद भुलाकर फिर से साथ रहने का निर्णय लिया। प्रधान न्यायाधीश ने आपसी समझ, सहयोग और संवाद के माध्यम से खुशहाल पारिवारिक जीवन बिताने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि परिवार में छोटे-मोटे विवादों को बातचीत और समझदारी से निपटाना चाहिए ताकि मधुरता बनी रहे। इस कार्यक्रम में अधिवक्ता मो सलीम और दंपति के परिजन भी उपस्थित थे।
