164 बंदियों काे कौशल विकास, कैदियों को आजीविका के लिए प्रशिक्षण

जिला कारा सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. उपायुक्त ने कहा कि कारा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.

पाकुड़. समाहरणालय सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला कारा सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में पुलिस अधीक्षक, काराधीक्षक, संबंधित विभागीय पदाधिकारी एवं सुरक्षा प्रभारियों ने भाग लिया. बैठक में काराधीक्षक द्वारा कारा की अद्यतन स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों की संख्या, प्रशिक्षण गतिविधियां तथा विभिन्न सुरक्षा बिंदुओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी गयी. उपायुक्त ने कहा कि कारा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने सुरक्षा ऑडिट से संबंधित पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों की समीक्षा की तथा नवीनतम ऑडिट रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. उपायुक्त ने कारा परिसर में अवैध वस्तुओं की रोकथाम के लिए तलाशी अभियान को और कड़ा करने का निर्देश दिया. सभी सुरक्षा पोस्ट, बैरक और मुख्य द्वार की नियमित एवं बारीकी से चेकिंग सुनिश्चित करने को कहा गया. उच्च स्तरीय निगरानी के लिए विशेष तलाशी दल गठित करने का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ. नए कारागार भवन भूमि चिह्नित करने कोई लेकर हुई चर्चा : बैठक में न्यायालय द्वारा कारा की स्थिति इन्ह्यूमन बताने के बाद अदालत के निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की गयी. बताया गया कि मॉडल जेल मैन्युअल–2016 के मानकों के अनुरूप नया कारा भवन निर्माण को लेकर भूमि चिह्नित करने का कार्य प्रगति पर है. 164 बंदियों काे मिला कौशल विकास प्रशिक्षण : कारागार में बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने को लेकर आरसेटी पाकुड़ द्वारा वर्ष 2025 में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किये गए. 03 मार्च–19 मार्च तक 35 बंदियों को साबुन, फिनाइल, टॉयलेट क्लीनर, डिटर्जेंट निर्माण का प्रशिक्षण, 19 मार्च–28 मार्च तक 33 बंदियों को फास्ट-फूड निर्माण, 09 अप्रैल–18 अप्रैल तक 33 बंदियों को अगरबत्ती निर्माण, 05 मई–24 मई तक 32 बंदियों को मोमबत्ती निर्माण एवं 21 जून–02 जुलाई तक 25 पुरुष एवं 06 महिला बंदियों को पेपर कवर, एनवलप एवं फाइल मेकिंग प्रशिक्षण दिया गया है. काराधीक्षक ने बताया कि मंडल कारा, पाकुड़ में कुल 06 वॉच टावर अनुमोदित हैं. सुरक्षा की दृष्टि से इन सभी टावरों पर जिला बल की प्रतिनियुक्ति को अत्यंत आवश्यक माना गया. महिला बंदियों व बच्चों की विशेष व्यवस्था : बैठक में महिला बंदियों एवं उनके साथ रहने वाले बच्चों के लिए विशेष चिकित्सकीय देखभाल पौष्टिक आहार, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालय, प्ले-एरिया, विश्राम कक्ष जैसी सुविधाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए. काराधीक्षक को यह भी निर्देश दिया गया कि संसीप्त बंदियों की समय पर चिकित्सा, भोजन एवं पेयजल व्यवस्था, रात्रि चौकसी तथा हाई-रिस्क बंदियों की कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जाए. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि कारा प्रशासन सभी सुरक्षा मानकों का पूरी कठोरता से पालन सुनिश्चित करें. उन्होंने स्पष्ट कहा कि नियमित निगरानी ज़रूरी है और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी.

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Published by: Binay kumar

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