चुनावी माहौल में सीमा बनी छावनी, मुर्शिदाबाद में चौबीसों घंटे निगरानी मतदाता संख्या के बीच सुरक्षा पर फोकस, कड़ी निगरानी में चुनाव की तैयारी प्रतिनिधि, फरक्का राज्य में प्रथम चरण के चुनाव को लेकर मुर्शिदाबाद जिले से सटी भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा को पूरी तरह से सील कर दिया गया है. सीमा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीमा सुरक्षा बल द्वारा चौकसी और निगरानी भी काफी बढ़ा दी गयी है. बीएसएफ कमांडेंट अशोक दुबे ने बताया कि मुर्शिदाबाद जिला बांग्लादेश के साथ 125.35 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है. इसके अतिरिक्त लगभग 42.35 किलोमीटर चौड़ी पट्टी में 83 किलोमीटर लंबी पद्मा (गंगा) नदी फैली हुई है, जो इस सीमा क्षेत्र को और अधिक संवेदनशील बनाती है. चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक इस पूरी अंतरराष्ट्रीय सीमा को सील रखने का निर्णय लिया गया है. सीमा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फरक्का, रघुनाथगंज, सूति, सागरदिघी, बहरामपुर, लालगोला, भगवनगोला, रानीतला, रानीनगर से लेकर सागरपाड़ा और काटाखाली जैसे दुर्गम इलाकों को भी बीएसएफ ने सुरक्षा छावनी में तब्दील कर दिया है. इन क्षेत्रों में लगातार गश्त, निगरानी और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या चुनाव को प्रभावित करने वाली कोशिशों को रोका जा सके. कमांडेंट ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के निर्देशों और आचार संहिता का पूरी तरह पालन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा और इसके लिए बीएसएफ के जवान चौबीसों घंटे मुस्तैद हैं. इधर, एसआईआर से पहले मुर्शिदाबाद जिले में कुल मतदाता संख्या 54,75,265 दर्ज की गई थी. उल्लेखनीय है कि पूरे राज्य में सबसे अधिक 11,21,205 मतदाता यहां विचाराधीन श्रेणी में हैं, जिसे देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां विशेष सतर्कता बरत रही हैं.
बंगाल चुनाव: पहले चरण से पहले भारत-बांग्लादेश सीमा सील, नदी और दुर्गम इलाकों तक सुरक्षा का घेरा मजबूत
मुर्शिदाबाद जिले की भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा को प्रथम चरण के चुनावों के लिए पूरी तरह सील कर दिया गया है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने गश्त और निगरानी बढ़ा दी है ताकि अवैध गतिविधियों और चुनाव में हस्तक्षेप को रोका जा सके। मुर्शिदाबाद की 125.35 किलोमीटर लंबी सीमा और नदियों के कारण यह क्षेत्र संवेदनशील माना जाता है। फरक्का, रघुनाथगंज, बहरामपुर जैसे दूरदराज इलाकों को सुरक्षा छावनी में तब्दील किया गया है जहां चौबीसों घंटे जवान तैनात हैं। कुल 54,75,265 मतदाता हैं, जिनमें से 11,21,205 को विचाराधीन श्रेणी में रखा गया है, इसलिए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां विशेष सतर्कता बरत रही हैं। चुनाव आयोग के नियमों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है।
