‘युवा बनाम सरकार’ से UCC तक, पाकुड़ में 13 स्कूलों के छात्रों ने तर्कों से सजाया बहस का मंच

13 स्कूलों के छात्रों ने 'विकसित भारत' और 'समान नागरिक संहिता' पर बेबाकी से रखी राय. रिबटल राउंड में दिखी अद्भुत तर्क क्षमता. जानें विजेता.

संवाददाता, पाकुड़ : दिल्ली पब्लिक स्कूल, पाकुड़ में आयोजित अंतर-विद्यालयी वाद-विवाद प्रतियोगिता 2026 में विद्यार्थियों ने तर्कशक्ति, विषय की समझ और प्रभावी अभिव्यक्ति का शानदार प्रदर्शन किया. प्रतियोगिता में 13 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया. विभिन्न चरणों में प्रतिभागियों ने अपने विचारों को मजबूती से रखते हुए निर्णायक मंडल को प्रभावित किया.

रिबटल राउंड में दिखी विद्यार्थियों की तर्क क्षमता

प्रतियोगिता का सबसे आकर्षक चरण रिबटल राउंड रहा. इसमें प्रतिभागियों ने एक-दूसरे के तर्कों पर तत्काल सवाल किए और सटीक एवं तार्किक जवाब देकर अपनी क्षमता का परिचय दिया. निर्णायकों ने विद्यार्थियों की विषय समझ, सवाल पूछने की शैली और तत्काल प्रत्युत्तर देने की क्षमता की सराहना की.

युवा भूमिका से लेकर समान नागरिक संहिता तक हुई बहस

प्रतियोगिता का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और डीपीएस म्यूजिकल बैंड की प्रस्तुति के साथ हुआ. हिंदी वाद-विवाद का विषय "विकसित भारत 2047 के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण या सरकार की?" था. वहीं, अंग्रेजी वाद-विवाद का विषय "समान नागरिक संहिता : समानता की ओर एक कदम या विविधता के लिए खतरा" रखा गया.

विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय विकास, युवा शक्ति, समानता, संवैधानिक मूल्यों और भारत की विविधता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे.

निर्णायकों ने की विद्यार्थियों की सराहना

अंग्रेजी निर्णायक मंडल के प्रमुख डीएवी के शिक्षक रतन पांडेय ने विद्यार्थियों की विषय समझ, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की सराहना की. हिंदी निर्णायक मंडल के प्रमुख डॉ. सुधीर ने भी विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता और प्रश्न करने की शैली को उल्लेखनीय बताया.

विद्यालय के प्रधानाचार्य जेके शर्मा ने कहा कि वाद-विवाद केवल जीत-हार का मंच नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों को सोचने, प्रश्न करने, सुनने और विश्लेषण करने का अवसर देता है. निदेशक अरुणेंद्र कुमार ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में तर्कशक्ति, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं.

अंग्रेजी पक्ष में मयंक दुबे रहे प्रथम

अंग्रेजी पक्ष में डीपीएस पाकुड़ के मयंक दुबे प्रथम, डीएवी की अद्विता रंजन द्वितीय तथा सीएम एसओई के आशीष रंजन और सेंट जोसेफ की इशा बेला टुडू तृतीय रहीं.

अंग्रेजी विपक्ष में बेथल मिशन के अभिषेक सोलोमन प्रथम, डीपीएस की आसिफा यासमीन द्वितीय तथा सीएम एसओई की वैष्णवी चौबे और डीएवी के आलोक राज तृतीय रहे.

हिंदी पक्ष में आतिया और अदिति संयुक्त विजेता

हिंदी पक्ष में डीपीएस की आतिया परवीन और सीएम एसओई की अदिति शर्मा संयुक्त रूप से प्रथम रहीं. डीएवी की तुलिका चटर्जी द्वितीय और सीएम एसओई की श्रेया कुमारी तृतीय रहीं.

हिंदी विपक्ष में बेथल मिशन की परी कुमारी प्रथम, डीएवी की अहोना बनर्जी द्वितीय तथा डीपीएस की शताक्षी प्रियम तृतीय रहीं.

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया. समापन समारोह में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए.


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लेखक के बारे में

By रमेश भगत

रमेश भगत प्रभात खबर, पाकुड़ में ब्यूरो चीफ हैं. उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है. 15 वर्षों के पत्रकारिता करियर की शुरुआत दिल्ली में CNEB News Channel से की. इसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के ईएमएमसी (EMMC) और डीडी न्यूज में कार्य किया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में उन्हें व्यापक अनुभव है. राजनीति, प्रशासन, अपराध, विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और जनसरोकार सहित हर विधा की खबरों की रिपोर्टिंग और विश्लेषण में उनकी विशेष रुचि है.

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