एक मई से स्व-गणना शुरू, 16 से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक संवाददाता, पाकुड़ जिले में जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गयी हैं. शनिवार को उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से करायी जायेगी, जो इसे खास बनाती है. कोविड-19 के कारण 2021 में टली जनगणना अब 2027 में आयोजित हो रही है, जो देश की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी. उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने बताया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी. पहले चरण में 16 मई से 14 जून तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जायेगी, जबकि 01 मई से 15 मई तक नागरिकों को स्व-गणना की सुविधा दी गयी है. नागरिक se.census.gov.in पोर्टल पर मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि पोर्टल पर राज्य, जिला और क्षेत्र का चयन करने के बाद डिजिटल मैप पर अपने घर का चिह्नांकन करना होगा तथा 34 बिंदुओं पर आधारित प्रश्नों के उत्तर देने होंगे. जानकारी सबमिट करने के बाद एक यूनिक एसइ आइडी प्राप्त होगी, जिसका उपयोग बाद में सत्यापन के दौरान किया जायेगा. स्व-गणना अवधि समाप्त होने के बाद 16 मई से प्रगणक ‘‘Census 2027 HLO Mobile App’’ के माध्यम से घर-घर जाकर सर्वे करेंगे. जिले को सात चार्ज क्षेत्रों में विभाजित किया गया है. प्रशिक्षण के लिए 33 फील्ड ट्रेनर तैनात किए गए हैं. इस कार्य में अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन को जिला नोडल पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी चंद्रजीत खलखो को अपर जिला जनगणना पदाधिकारी तथा अनुमंडल पदाधिकारी साइमन मरांडी और स्थापना उप समाहर्ता त्रिभुवन कुमार सिंह समेत अन्य पदाधिकारी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. उपायुक्त ने आम जनता, जनप्रतिनिधियों और मीडिया से अपील की कि वे सही जानकारी देकर राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाने में सहयोग करें.
दो चरणों में डिजिटल होगी जनगणना की प्रक्रिया : डीसी
जिले में जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गयी हैं.
