प्रतिनिधि, अमड़ापाड़ा. आउटरीच फॉर लीडरशिप अवेयरनेस मूवमेंट के तहत गुरुवार को प्रखंड सभागार में जागरुकता सह प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. अध्यक्षता बीडीओ प्रमोद कुमार ने की. मुख्य प्रशिक्षक डॉ संजय सेवास्टीन मरांडी ने एससी-एसटी समाज के मुखिया, पंसस, ग्राम प्रधान एवं वार्ड सदस्यों को अधिनियम 1989, उसके नियम 1995, संशोधन 2011, अध्यादेश 2014, संशोधन 2016 एवं 2018 के साथ-साथ वर्ष 2024 के नवीनतम सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की विस्तार से जानकारी दी. डॉ मरांडी ने बताया कि यह कानून एससी-एसटी समाज को सामाजिक उत्पीड़न, भेदभाव एवं हिंसा से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया है. उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 15, 17, 46 सहित दलित-आदिवासी अधिकारों से जुड़े प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला. कहा कि कानून की सही जानकारी ही समाज को सशक्त बना सकता है. बीडीओ ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और सामाजिक नेतृत्वकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे कानून की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाएं, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके. सामाजिक समरसता बनी रहे. कार्यशाला में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
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