एक-एक शिक्षक के भरोसे चल रहे 14 स्कूल

शिक्षकों की कमी से जूझ रहे पाकुड़िया के कई विद्यालय, बच्चों का भविष्य अधर में पाकुड़िया : शिक्षा अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद भी सरकारी विद्यालयों की स्थिति में अभी तक सुधार नहीं हो पाया है. आज भी कई विद्यालय ऐसे हैं जो सरकारी उदासीनता का दंश ङोल रहे हैं. वादों के बावजूद भी […]

शिक्षकों की कमी से जूझ रहे पाकुड़िया के कई विद्यालय, बच्चों का भविष्य अधर में

पाकुड़िया : शिक्षा अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद भी सरकारी विद्यालयों की स्थिति में अभी तक सुधार नहीं हो पाया है. आज भी कई विद्यालय ऐसे हैं जो सरकारी उदासीनता का दंश ङोल रहे हैं. वादों के बावजूद भी स्कूलों में पठन-पाठन के स्तर में सुधार नहीं हो पाया है. दिन प्रति दिन शिक्षा व्यवस्था की स्थिति में सुधार नहीं होने से समस्या और गंभीर होती जा रही है.

विद्यालयों में जहां आजकल पठन-पाठन की स्थिति शिक्षकों की कमी के कारण मुश्किलों में है. वहीं बच्चों के भविष्य पर भी ग्रहण लग गया है. प्रखंड के 14 विद्यालय एक-एक शिक्षकों के भरोसे चल रहा है. जबकि छह विद्यालयों का संचालन दूसरे विद्यालयों के शिक्षकों का प्रति नियोजन कर किया जा रहा है. प्रखंड का सात सरकारी विद्यालय पारा शिक्षकों के भरोसे चल रहा है. जबकि 27 उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय पारा शिक्षकों के भरोसे संचालित है.

यहां की स्थिति है दयनीय

पाकुड़िया प्रखंड में 159 विद्यालय है. विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रखंड के बालीडीह, राजदाहा, लेदापाड़ा, बरमसिया, दलाही पश्चिमी, सलगापाड़ा आदि 14 विद्यालय मात्र एक-एक शिक्षकों के भरोसे संचालित है. वहीं श्रीधरपाड़ा, बाबूझुठी, चीरुडीह, फुलोपानी, पथरडंगाल, बनियापसार ऐसे विद्यालय है जहां सरकारी शिक्षक नहीं रहने के कारण दूसरे विद्यालय में पदस्थापित शिक्षकों का प्रति नियोजन कर संचालित किया जा रहा है.

कहते हैं बीइइओ

प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सर्किल मरांडी ने बताया कि शिक्षकों की कमी है लेकिन एक भी विद्यालय बंद नहीं हैं. उन्होंने बताया कि शिक्षकों को सरकार के विभिन्न कार्यो में लगाये जाने के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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