दुष्कर्म के आरोपित को सश्रम 10 साल की सजा

पाकुड़ : दुष्कर्म के एक मामले प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रेम प्रकाश पांडेय की अदालत ने सोमवार को बचाव व अभियोजन पक्ष द्वारा दी गयी दलीलें व प्राप्त साक्ष्य के आधार पर आरोपित वकील घोष को दस साल सश्रम कारावास व 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी. अभियोजन पक्ष की ओर से रमेश […]

पाकुड़ : दुष्कर्म के एक मामले प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रेम प्रकाश पांडेय की अदालत ने सोमवार को बचाव व अभियोजन पक्ष द्वारा दी गयी दलीलें व प्राप्त साक्ष्य के आधार पर आरोपित वकील घोष को दस साल सश्रम कारावास व 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी.

अभियोजन पक्ष की ओर से रमेश प्रसाद व बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता मेनी उपाध्याय ने पैरवी की. अभियोजक श्री प्रसाद ने बताया कि वर्ष जून 2012 में पाकुड़ प्रखंड मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत दादपुर गांव में एक महिला के घर में घुस कर दुष्कर्म किया गया था.

पीड़िता के बयान पर थाना कांड संख्या 163/12 भादवि की धारा 452 एवं 376 के तहत वकील घोष को नामजद अभियुक्त बनाया गया था. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री पांडेय की अदालत ने धारा 452 में तीन वर्ष कारावास व 15 हजार रुपये जुर्माना तथा भादवि की धारा 376 में 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनायी. अदालत ने 15 हजार रुपये जुर्माना का भी फैसला सुनाया है. जुर्माना की राशि जमा नहीं करने पर एक वर्ष अतिरिक्त सजा होगी.

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