डंपरों की जांच हुई तो हो सकती है लाखों के राजस्व का मुनाफा

जिले के पत्थर व्यवसाय न केवल खनन विभाग को वरन परिवहन विभाग को भी प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का चुना लगा रहे है. पत्थर व्यवसाय से जुड़े जानकारों की माने तो मालपहाड़ी, सीतपहाड़ी, अर्जुनदाहा, फतेहपुर, काशीनाथपुर, खक्सा, सुंदरपहाडी, गोलपुर आदि पत्थर औद्योगिक क्षेत्रों में व्यवसायियों द्वारा बिना परमिट, कागजातों के सैकड़ों डंफरों का परिचालन किया जा […]

जिले के पत्थर व्यवसाय न केवल खनन विभाग को वरन परिवहन विभाग को भी प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का चुना लगा रहे है. पत्थर व्यवसाय से जुड़े जानकारों की माने तो मालपहाड़ी, सीतपहाड़ी, अर्जुनदाहा, फतेहपुर, काशीनाथपुर, खक्सा, सुंदरपहाडी, गोलपुर आदि पत्थर औद्योगिक क्षेत्रों में व्यवसायियों द्वारा बिना परमिट, कागजातों के सैकड़ों डंफरों का परिचालन किया जा रहा है जिससे परिवहन विभाग को राजस्व का चुना लग रहा है.

जानकार बताते है कि यदि परिवहन विभाग द्वारा पत्थर औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहे ट्रकों एवं डंफरों की सही तरीके से जांच की गयी तो न केवल गड़बड़झाला सामने आयेगा वरन जब्त किये गये वाहनों से बतौर जुर्माना सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व मिलेगा. यहां उल्लेखनीय है कि प्रशासन द्वारा पाकुड़ धुलियान मुख्य सड़क पर स्थित चेकपोस्ट एवं मुख्य सड़कों पर ही वाहनों की जांच की जाती है और जांच के दौरान कागजातों के अभाव में वाहन मालिकों से जुर्माना की राशि वसूले जाते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >