मनरेगा पर जिलास्तरीय कार्यशाला का आयोजन
पाकुड़ : जिला मुख्यालय के सांस्कृतिक भवन में स्वयं सेवी संस्था झारखंड विकास परिषद द्वारा पैक्स कार्यक्रम के तहत मनरेगा अभियान जिलास्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.
इसका उद्घाटन उच्चतम न्यायालय के सलाहकार बलराम, मनरेगा लोकपाल रामजीवन, रामबहादूर सिंह एवं संस्था की सचिव सुभाषिनी सोरेन ने संयुक्त रूप से किया. मौके पर मनरेगा के तहत पंजीकृत मजदूरों को दी गयी सुविधाओं के अलावे परिवार की आमदनी बढ़ाने, ग्रामीण स्तर पर विकास के आधारभूत संरचना विकसित करने, सौ दिनों का रोजगार मुहैया कराने आदि बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया.
कार्यशाला को संबोधित करते हुए उच्चतम न्यायालय के सलाहकार बलराम ने कहा कि मनरेगा के तहत 36 तरह के काम ग्राम स्तर पर सुनिश्चित किये गये हैं और इसका लाभ उठाने के लिए मजदूरों को जागरूक होना होगा. उन्होंने कहा कि सभी बीपीएल परिवारों को सौ दिनों का काम लेने का अधिकार है और उसमें किसी प्रकार के व्यवधान होने पर जिलास्तर पर मनरेगा लोकपाल को शिकायत करें.
बलराम ने कहा कि मनरेगा कानून में सुधार लाने को लेकर सरकार के साथ एडवोकेशी की जा रही है. वहीं अपने संबोधन में मनरेगा लोकपाल राजीवन ने कहा कि लोगों को सौ दिनों का रोजगार मुहैया कराना मनरेगा का उद्देश्य है. उन्होंने मौजूद पंजीकृत मजदूरों से ग्रामस्तर पर काम नहीं मिलने, समय पर मजदूरी नहीं मिलने आदि के मामले की सीधे शिकायत करने की अपील की.
मौके पर मौजूद दर्जनों मजदूरों द्वारा समय पर काम न मिलने, मजदूरी का भुगतान नहीं होने, काम के लिए दिये गये आवेदन को स्वीकार नहीं करने तथा सौ दिनों का रोजगार नहीं मिलने के मामले को प्रमुखता से रखा. कार्यशाला के उद्देश्यों पर झारखंड विकास परिषद के सचिव सुभाषिनी सोरेन ने प्रकाश डाला और अपने हक और अधिकार को जागरूक होकर प्राप्त करने की अपील की.
कार्यशाला को सफल बनाने में मनोरंजन सिंह, संदीप सुरीन, राजीव द्विवेदी, नकुल भंडारी, मरियानुस थॉमस, इस्नइल आदि ने सक्रिय भूमिका निभायी. मंच संचालन स्टेला हांसदा ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन विजय वर्मा ने की.
