प्रतिनिधि, पाकुड़जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश श्रीवास्तव की अदालत ने बचाव एवं अभियोजन पक्ष द्वारा दी गयी दलीलें, गवाहों के बयानात एवं प्राप्त साक्ष्यों के आलोक में दुष्कर्म के आरोपी श्रीराम मंडल को दस साल कारावास तथा पचास हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी है. सत्रवाद संख्या 149/12 में बचाव पक्ष से अधिवक्ता रंजन कुमार बोस एवं अभियोजन पक्ष की ओर से पवन टोप्पो ने पैरवी की. अभियोजक श्री टोप्पो ने बताया कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गोपीनाथपुर गांव की 16 वर्षीय नाबालिग को शादी का प्रलोभन देकर श्रीराम मंडल द्वारा एक साल उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया गया और जब पीडि़ता ने विवाह का प्रस्ताव रखा तो उसे ठुकरा दिया गया. पीडि़ता द्वारा मुफस्सिल थाने में लिखित शिकायत की गयी थी और तीन जुलाई 2012 को मुफस्सिल थाने में कांड संख्या 187/12 दर्ज किया गया था. मामले में न्यायालय में 9 गवाहों द्वारा अपना बयान दर्ज कराया गया. अदालत ने भादवि की धारा 376 में दस साल कारावास एवं 25 हजार रुपये जर्माना तथा भादवि की धारा 493 में पांच वर्ष की कारावास एवं 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा मुकर्रर की. अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर अतिरिक्त दो वर्ष की सजा का भी फैसला सुनाया गया.—————————————पचास हजार रुपये का लगाया गया अर्थदंड.
दुष्कर्म के आरोपी को दस साल कारावास की सजा
प्रतिनिधि, पाकुड़जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश श्रीवास्तव की अदालत ने बचाव एवं अभियोजन पक्ष द्वारा दी गयी दलीलें, गवाहों के बयानात एवं प्राप्त साक्ष्यों के आलोक में दुष्कर्म के आरोपी श्रीराम मंडल को दस साल कारावास तथा पचास हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी है. सत्रवाद संख्या 149/12 में बचाव पक्ष से अधिवक्ता रंजन […]
