फोटो संख्या 1- सदर अस्पताल परिसर में जमा कुडा कडकट.फोटो संख्या 2 – अस्पताल के बाहर रखा इंसीनेटर मशीन.हाल सदर अस्पताल का. अस्पताल परिसर की साफ सफाई को लेकर तीन वर्ष पूर्व खरीदा गया इंसीनेटर मशीन का नहीं खोला गया है अब तक सील. प्रतिनिधि, पाकुड़ प्रबंधन की लापरवाही की वजह से सदर अस्पताल इलाज कराने पहुंचे मरीजों, उनके परिजनों सहित स्वास्थ्य कर्मियों को भी जमा कूड़ा कड़कट व फैल रही बदबू की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है. विभाग की सक्रियता का आलम यह है कि वित्तीय वर्ष 2011-12 में लाखों रुपये की राशि से क्रय किये गये कचड़ा निष्पादन की मशीन इंसीनेटर जस के तस पड़े हैं. इस मशीन का इस्तेमाल किया जाता तो न केवल कचड़ा का निष्पादन होता वरन मरीजों सहित स्वास्थ्य कर्मियों को भी अस्पताल में जमा गंदगी व निकल रहे बदबू से निजात मिलता. —–क्या कहना है सीएस का.इंसीनेटर मशीन को व्यवस्थित करने के लिए एक अलग स्थान की जरूरत है. साथ ही चार पांच लाख रुपये की भी आवश्यकता है. अब तक एनओसी इंसीनेटर मशीन चालू करने को लेकर नहीं मिली है. जिसके कारण उसे क्रियाशील नहीं किया जा सका है.डॉ शिवशंकर हरिजन , सिविल सर्जन
सफाई मशीन है, पर अस्पताल में बजबजा रही गंदगी
फोटो संख्या 1- सदर अस्पताल परिसर में जमा कुडा कडकट.फोटो संख्या 2 – अस्पताल के बाहर रखा इंसीनेटर मशीन.हाल सदर अस्पताल का. अस्पताल परिसर की साफ सफाई को लेकर तीन वर्ष पूर्व खरीदा गया इंसीनेटर मशीन का नहीं खोला गया है अब तक सील. प्रतिनिधि, पाकुड़ प्रबंधन की लापरवाही की वजह से सदर अस्पताल इलाज […]
