दुमका में अनशन पर बैठे प्रदीप यादव, कहा
दुमका : झारखंड विकास मोरचा के केंद्रीय प्रधान महासचिव प्रदीप यादव बढ़ते अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने में पुलिस के उदासीन रवैये के खिलाफ उपराजधानी दुमका में प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन पर बैठ गये हैं. उनके साथ जेवीएम के कार्यकर्ता तथा पीड़ित परिवार भी अनशन पर बैठ गये हैं.
श्री यादव ने कहा कि राज्य की सत्ता में अपराधियों के संरक्षक बैठे हुए हैं, इसलिए अपराधी बेखौफ हैं. साल भर में जो अपराध का ग्राफ बढ़ा है, वह भयावह है. 2166 हत्यायें, 583 लूट, 1300 अपहरण की घटनायें हुई, जबकि 1318 महिलाओं-युवतियों व बच्चियों के इज्जत लूटे गये.
साढे चार सौ से अधिक नक्सली वारदात हुए.उन्होंने कहा: पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है, जिससे दोषियों को सजा भी नहीं मिल पा रही है. इससे राज्य में अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है
और आम जनों का मनोबल टूट रहा है. अपराधियों को कठोर सजा मिले, तभी अपराधियों में भय होगा. अपराध की घटना में कमी आयेगी. जन दवाब में पुलिस कभी हरकत में आती भी है तो परिणाम सिफर ही होता है. श्री यादव ने कहा कि चिलखारी कांड में 18 लोगों की जान नक्सलियों ने ली, लेकिन एक को भी राज्य की सरकार सजा नहीं दिला सकी. कोई साक्ष्य एकत्रित नहीं कर सकी.
संताल परगना का इलाका शांत था, आज भयाक्रांत व अशांत है. नक्सली समस्या राज्य में विकराल होती जा रही है. पाकुड़ एसपी हत्याकांड जैसी घटनाओं के बाद सीएम के विधानसभा क्षेत्र मसलिया के मकरमपुर में में दिनदहाड़े कुटला मियां की हत्या कर दी गयी, आज तक हत्यारे गिरफ्तार नहीं किये गये.
उन्होंने गोड्डा जिले के देवदांड में अंजना हत्याकांड, देवघर के जसीडीह थाना क्षेत्र में वर्षा हत्याकांड तथा जामताड़ा में भगवान मंडल हत्याकांड में हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किये जाने को आड़े हाथो लिया और कहा कि हत्यारों को गिरफ्तार किये जाने सहित अन्य मांगों के पूरा होने तक वे अनशन पर डटे रहेंगे.
